पंजाब

रक्खड़ पुन्नेया मेले में आज दिखेगा राजनीतिक दम BJP बनाएगी रणनीति

nidhi
28 Aug 2026 9:27 AM IST
रक्खड़ पुन्नेया मेले में आज दिखेगा राजनीतिक दम BJP बनाएगी रणनीति
x
अमृतसर मेले में सियासी शक्ति प्रदर्शन
अमृतसर : पंजाब के अमृतसर में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध रक्खड़ पुन्नेया मेले में इस बार धार्मिक आयोजन के साथ-साथ सियासी हलचल भी देखने को मिलेगी। मेले के दौरान आज राजनीतिक दल अपनी-अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे। खास बात यह है कि पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस आयोजन में अलग मंच लगाकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी।
रक्खड़ पुन्नेया मेला पंजाब के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल है। हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। इसी मौके का इस्तेमाल राजनीतिक दल भी जनता से जुड़ने और अपनी शक्ति दिखाने के लिए करते रहे हैं।
भाजपा पहली बार लगाएगी अलग मंच
इस बार भाजपा ने मेले में अलग मंच तैयार करने का फैसला लिया है। पार्टी नेताओं के अनुसार, इस मंच के जरिए कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और आगामी राजनीतिक रणनीति पर संदेश देने की कोशिश की जाएगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश पदाधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। पार्टी इसे पंजाब में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है।
कांग्रेस और अन्य दल भी सक्रिय
रक्खड़ पुन्नेया मेले में कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे। सभी दल इस मंच के जरिए समर्थकों और कार्यकर्ताओं को संदेश देने की तैयारी में हैं। पंजाब की राजनीति में धार्मिक और सामाजिक आयोजनों का खास महत्व रहा है। ऐसे आयोजनों में नेताओं की मौजूदगी अक्सर राजनीतिक संकेतों से जोड़कर देखी जाती है।
चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा आयोजन
हालांकि अभी चुनाव में समय है, लेकिन पंजाब में राजनीतिक दलों ने अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। ऐसे में रक्खड़ पुन्नेया मेले में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों को आगामी चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। दल अपनी ताकत, संगठन और जनसमर्थन दिखाने के लिए बड़े आयोजनों का सहारा लेते हैं।
धार्मिक मेले में बढ़ेगी राजनीतिक हलचल
मेले में जहां श्रद्धालु धार्मिक आस्था के साथ पहुंचेंगे, वहीं राजनीतिक मंचों पर नेताओं के भाषण और रणनीतिक संदेश भी चर्चा का विषय रहेंगे। भाजपा का पहली बार अलग मंच लगाना पंजाब की राजनीति में उसकी सक्रियता बढ़ाने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि मेले के मंच से कौन से राजनीतिक संदेश दिए जाते हैं।
Next Story