पंजाब

पुलिस ने लागू किया Beat Rakshak App, ड्यूटी की पारदर्शिता और जनता की सुरक्षा को बढ़ावा

Kavita2
6 Jun 2026 4:40 PM IST
पुलिस ने लागू किया Beat Rakshak App, ड्यूटी की पारदर्शिता और जनता की सुरक्षा को बढ़ावा
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Punjab पंजाब: पंजाब के मुक्तसर जिले में पुलिस ड्यूटी की पारदर्शिता और जनता की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए एक नया कदम उठाया गया है। जिले में अब नाके और गश्त की चेकिंग सिर्फ कागज-पेन से नहीं, बल्कि मोबाइल आधारित तकनीक के जरिए होगी। इस पहल के तहत "बीट रक्षक ऐप" और क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जाएगा। इसे लागू करने वाला मुक्तसर राज्य का पहला जिला बन गया है।

एसएसपी अभिमन्यु राणा की अगुवाई में शुरू इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य पुलिस ड्यूटी को अधिक पारदर्शी बनाना और आम लोगों की सुरक्षा को पुख्ता करना है। एसएसपी ने बताया कि पहले पुलिस पार्टी नाके पर पहुंचकर रजिस्टर में एंट्री करती थी और फिर आगे बढ़ जाती थी। हालांकि, इस प्रक्रिया में यह पता नहीं चलता था कि पुलिस मौके पर कितनी देर रुकी और गश्त का काम कितने प्रभावी ढंग से किया गया।

"बीट रक्षक ऐप" ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। अब हर पुलिसकर्मी की ड्यूटी, उनकी उपस्थिति, गश्त की अवधि और नाके पर रुके समय की जानकारी सीधे कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। प्रत्येक नाके और गश्त के बिंदु पर एक क्यूआर कोड लगाया गया है, जिसे स्कैन करके पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी को सक्रिय कर सकता है। इससे न केवल ड्यूटी की निगरानी आसान होगी, बल्कि गश्त और नाकों की दक्षता भी बढ़ेगी।

एसएसपी राणा ने कहा, "इस ऐप के माध्यम से न केवल पुलिस अधिकारियों को अपनी टीम के कामकाज की रीयल-टाइम जानकारी मिलेगी, बल्कि आम जनता के लिए भी यह भरोसे का संकेत है कि ड्यूटी में पुलिस पूरी तरह सक्रिय है। हमारा लक्ष्य है कि हर नाका और गश्त अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से हो।"

इस पहल के तहत पुलिसकर्मियों को मोबाइल ऐप का प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि वे हर समय अपनी ड्यूटी और गश्त की रिपोर्ट आसानी से दर्ज कर सकें। ऐप के जरिए पुलिस पार्टी की हर गतिविधि रिकॉर्ड होगी, और इसके डेटा का उपयोग आगे आने वाली रणनीति और सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने में किया जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की तकनीकी पहल से पुलिस ड्यूटी में जवाबदेही बढ़ती है और गश्त या नाके के दौरान होने वाली लापरवाही पर तुरंत नजर रखी जा सकती है। इसके साथ ही, आम जनता को भी यह भरोसा मिलता है कि उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह से सक्रिय और जिम्मेदार है।

मुक्तसर पुलिस का यह कदम पूरे पंजाब में अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण पेश करता है। आने वाले समय में राज्य के अन्य जिलों में भी इसी तरह की तकनीकी निगरानी प्रणाली लागू की जाने की संभावना है।a

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