पंजाब

पूर्व DIG भुल्लर के खिलाफ PMLA जांच, ED ने 11 जगहों पर किया छापा

Payal
27 April 2026 2:05 PM IST
पूर्व DIG भुल्लर के खिलाफ PMLA जांच, ED ने 11 जगहों पर किया छापा
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Punjab.पंजाब: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब पुलिस के पूर्व DIG भुल्लर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) मामले में 11 विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई शुक्रवार को सुबह से शुरू हुई और मामले की जांच को तेज करने के लिए की गई।
सूत्रों के अनुसार, ED की टीम ने पंजाब और अन्य राज्यों में भुल्लर के व्यक्तिगत और व्यावसायिक ठिकानों पर दबिश दी। इसमें उनके आवास, कार्यालय और कुछ व्यावसायिक परिसरों को शामिल किया गया। छापेमारी के दौरान दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य संबंधित सामग्री को जब्त किया गया।
ED अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच के तहत की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या भुल्लर और उनके परिवार के सदस्यों ने अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कार्रवाई PMLA के तहत एक गंभीर कदम है, और इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग को रोकना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की जांच अधिकारियों की पारदर्शिता और कानून के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पूर्व DIG भुल्लर ने अब तक इस मामले में किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि भुल्लर पूरी तरह से जांच सहयोगी हैं और सभी दस्तावेज़ और विवरण ED को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ सख्त कदम के रूप में देखा, जबकि समर्थक दलों ने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन होना चाहिए।
पिछले कुछ वर्षों में पंजाब में कई उच्च पदस्थ अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच की गई है। ED की यह कार्रवाई भी उसी श्रेणी में आती है, जिसमें उच्च अधिकारियों के वित्तीय मामलों की जांच कर उनके द्वारा कथित रूप से अर्जित की गई अवैध संपत्ति को ट्रेस किया जाता है।
ED की टीम ने बताया कि छापेमारी के दौरान सभी साक्ष्यों को सावधानीपूर्वक संग्रहित किया गया है और जांच आगे बढ़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता और जटिलता के कारण जांच में समय लग सकता है।
इस घटना ने पंजाब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच भी हलचल पैदा कर दी है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च अधिकारियों के खिलाफ PMLA केसों की जांच से प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही बढ़ेगी।
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