पंजाब

विदेशों में रहने वाले पंजाब के लोगों ने गांव, अस्पतालों और स्कूलों को गोद लेने की जताई इच्छा

Bharti sahu
5 May 2022 7:55 AM GMT
विदेशों में रहने वाले पंजाब के लोगों ने गांव, अस्पतालों और स्कूलों को गोद लेने की जताई इच्छा
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पंजाब के स्कूलों, अस्पतालों और गांवों को सुधारने की मुहिम में सरकार को एनआरआई का साथ मिलने लगा है।

पंजाब के स्कूलों, अस्पतालों और गांवों को सुधारने की मुहिम में सरकार को एनआरआई का साथ मिलने लगा है। विदेशों में रहने वाले पंजाब के लोगों ने गांव, अस्पतालों और स्कूलों को गोद लेने की इच्छा जताई है। मुख्यमंत्री मान को इसके लिए कई फोन भी आ चुके हैं। अब तक मुख्यमंत्री को कनाडा, टोरंटो, कैलिफोर्निया, सिडनी और ऑकलैंड से एनआरआई फोन कर अपनी इस इच्छा से अवगत करा चुके हैं।

भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के तहत एनआरआई पंजाब में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री कई सार्वजनिक मंचों से ये संकेत दे चुके हैं कि उनकी पार्टी एनआरआई के साथ कैसे काम करेगी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में कहा था कि हम माफिया शासन को खत्म करने और अपने बजट में सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं।
हमें एनआरआई के बहुत फोन आ रहे हैं कि हम गांव और स्कूल को गोद लेना चाहते हैं, हम अस्पताल को गोद लेना चाहते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि आप सरकार पर लोगों को भरोसा है कि उनके पैसे का दुरुपयोग नहीं होगा। ऐसे में पंजाब में बढ़ते एनआरआई समुदाय का समर्थन पार्टी के लिए एक सुनहरा मौका हो सकता है।
मान ने कहा था कि दुनिया भर में पंजाबी फैले हुए हैं। वैंकूवर कनाडा का एकमात्र मिनी पंजाब है। टोरंटो, कैलिफोर्निया, सिडनी और ऑकलैंड सभी में पंजाबी हैं। वहां रहने वाले सभी पंजाबी अपनी मातृभूमि के लिए जान देने को तैयार हैं। हम विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। यह आरबीआई के नियमों के अनुसार कानूनी चैनलों के माध्यम से किया जाएगा। इससे उन लोगों को भी खुशी होगी कि उन्होंने अपने गांव के लिए कुछ किया है। मान ने कहा था कि स्कूलों के सुधार के लिए उनके पास बजट भी है।
पहले की सरकारें भी ले चुकी हैं मदद
कुछ साल पहले पंजाब सरकार ने एनआरआई समुदाय को राज्य में स्कूलों को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया था, जिसके बाद कई समृद्ध व्यवसायियों द्वारा भी दान दिया गया था, जिनका उपयोग नवीनतम तकनीक के साथ स्कूलों को स्मार्ट बनाने के लिए किया गया था। प्रवासी भारतीय विशेष रूप से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।


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