पंजाब

मानसा पहुंचा परविंदर झोटा का पार्थिव शरीर, पिता ने उठाई न्याय की मांग

Ratna Netam
8 Nov 2026 2:54 PM IST
मानसा पहुंचा परविंदर झोटा का पार्थिव शरीर, पिता ने उठाई न्याय की मांग
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मानसा। पंजाब के चर्चित नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का पार्थिव शरीर रविवार को अंतिम संस्कार के लिए मानसा पहुंच गया। उनकी हत्या के बाद से न्याय की मांग को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन और परिवार के लंबे संघर्ष के बीच अब अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। झोटा की मौत ने पंजाब में नशे के कारोबार और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। परिवार का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या के पीछे कई गंभीर पहलू हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, उनके पिता भीम सिंह ने मामले में कथित राजनीतिक साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।परविंदर सिंह झोटा का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ स्थित पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) में पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंपा गया था। रविवार सुबह पार्थिव शरीर को मानसा लाया गया। परिवार की योजना के अनुसार, पहले शव को उनके घर ले जाया गया, जिसके बाद चकेरियां रोड स्थित उनकी कृषि भूमि पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जानी है।
26 दिन बाद हुआ पोस्टमार्टम
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर 2026 को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित मेडिकल स्टोर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद उनके परिवार और समर्थकों ने न्याय की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया था। परिवार का कहना था कि झोटा नशे और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। इसी दौरान उनके साथ यह घटना हुई।हत्या के बाद परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। विरोध-प्रदर्शन के चलते झोटा का पार्थिव शरीर मानसा के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया था। करीब तीन सप्ताह से अधिक समय तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका। बाद में पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों और परिवार के बीच बातचीत के बाद पोस्टमार्टम कराने पर सहमति बनी।इसके बाद पार्थिव शरीर को चंडीगढ़ स्थित PGIMER भेजा गया, जहां 7 नवंबर को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। करीब 26 दिन बाद हुई इस प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पिता ने जारी रखी न्याय की लड़ाई, SSP के तबादले की मांग
परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह ने बेटे की हत्या के मामले में न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) वैभव चौधरी के तबादले की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि जब उनका बेटा नशे के कारोबार और कथित फार्मा माफिया के खिलाफ आवाज उठा रहा था, तब उसे सुरक्षा नहीं मिली। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि बेटे की हत्या के बाद परिवार को न्याय के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा।भीम सिंह ने इस मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार हो जाने से उनकी लड़ाई समाप्त नहीं होगी। बेटे की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय होना जरूरी है।
सरकार और परिवार के बीच बनी थी सहमति
इस मामले में पंजाब सरकार और परविंदर झोटा के परिवार के बीच कई दौर की बातचीत हुई थी। पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने परिवार तथा इंसाफ कमेटी के सदस्यों के साथ चर्चा की थी। इसके बाद सरकार ने परिवार की कई मांगों को स्वीकार करने पर सहमति जताई।इनमें विरोध-प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई, उनके खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने, मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता, घटना में घायल हुए लोगों को मुआवजा और झोटा की पत्नी को सरकारी नौकरी देने जैसी मांगें शामिल थीं। इसके अलावा उनकी स्मृति में मानसा में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने और उपयुक्त स्थान पर प्रतिमा लगाने की मांग पर भी सहमति बनी थी।परिवार की मांग पर हत्या की जांच पंजाब पुलिस से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्णय भी लिया गया था। इस मामले में राज्य सरकार ने एक थाना प्रभारी, एक डीएसपी और एक ड्रग इंस्पेक्टर को निलंबित किया था।
नशे के खिलाफ युवाओं से की भावुक अपील
बेटे की मौत के बाद भी भीम सिंह ने पंजाब के युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दीपावली के अवसर पर युवा यह संकल्प लें कि वे कभी नशे का सेवन नहीं करेंगे। उन्होंने इच्छा जताई कि परविंदर के अंतिम संस्कार के बाद पंजाब का कोई भी युवा नशे की गिरफ्त में न आए।उनकी इस अपील को बेटे के नशा विरोधी अभियान को आगे बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। भीम सिंह का कहना है कि पंजाब से नशे की समस्या को खत्म करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
मेडिकल स्टोर पर गोली मारकर हुई थी हत्या
जानकारी के अनुसार, 13 अक्टूबर को मानसा के एक मेडिकल स्टोर पर परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि मेडिकल स्टोर पर कथित तौर पर नशे की दवाओं की बिक्री को लेकर उनका विवाद हुआ था। इसी दौरान स्टोर संचालक अश्विनी कुमार ने उन पर गोली चला दी। घटना में उनके चार साथी भी घायल हुए थे। आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया था।इस घटना के बाद परिवार और समर्थकों ने लगातार विरोध-प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। मामले ने पंजाब की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी थी। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था और नशे के कारोबार के मुद्दे पर घेरा था।अब परविंदर झोटा का पार्थिव शरीर मानसा पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हालांकि, परिवार का कहना है कि अंतिम संस्कार के साथ न्याय की लड़ाई समाप्त नहीं होगी। पिता भीम सिंह अपने बेटे की हत्या के पीछे जिम्मेदार लोगों और कथित साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर कायम हैं।
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