पंजाब

परविंदर झोटा के पिता का PGI में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू

Kiran
6 Nov 2026 1:38 PM IST
परविंदर झोटा के पिता का PGI में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू
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नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के पिता, भीम सिंह ने आज बताया कि उन्होंने चंडीगढ़ के पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनकी मांग है कि 13 अक्टूबर को उनके बेटे की हत्या के मामले में मानसा के SSP वैभव चौधरी का तबादला किया जाए। भीम सिंह ने कहा कि जब तक SSP का तबादला नहीं हो जाता, तब तक वे केवल पानी पिएंगे। उन्होंने कहा, "लोग मुझसे खाना खाने या चाय पीने के लिए कह रहे हैं, लेकिन मैंने उनसे साफ कह दिया है कि मैं सिर्फ पानी ही पीऊंगा। अगर SSP का तबादला नहीं हुआ, तो मैं अपनी जान देना पसंद करूंगा।"
उन्होंने बताया कि बुधवार को मानसा में विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियन के साथ हुई बैठक में लिए गए फैसलों पर वे सहमत हो गए थे, लेकिन SSP के तबादले की मांग पर कोई हल नहीं निकला। भीम सिंह ने कहा, "मेरी बहू ने भी यह कहा है कि वह बैठक के दौरान दी गई सरकारी नौकरी नहीं लेगी। इसके अलावा, उसने मुझसे यह भी कहा है कि राज्य सरकार से मिलने वाली मुआवजा राशि भी स्वीकार न की जाए।"
13 अक्टूबर को मानसा शहर के एक मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाओं की कथित बिक्री को लेकर हुए विवाद के बाद झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विरोध-प्रदर्शनों और राज्य सरकार के साथ गतिरोध के चलते उनका शव 24 दिनों तक मानसा सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा रहा। गुरुवार देर रात शव को पोस्टमार्टम के लिए PGIMER भेज दिया गया।
सरकार परिवार को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा देने और झोटा की पत्नी को सरकारी नौकरी देने के साथ-साथ कुछ अन्य मांगों को मानने के लिए भी सहमत हो गई है। राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल, परिवार और 'एक्शन कमेटी' के सदस्यों के बीच हुई बैठक के बाद पोस्टमार्टम से जुड़ा मुद्दा सुलझ गया। इस बीच, शुक्रवार को विरोध-प्रदर्शन का 25वां दिन रहा। गुरुवार शाम को लखवीर सिंह लाखा सिधाना, मोहनजीत सिंह शेरोन और नौ अन्य प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग जेलों से रिहा कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शन जारी है।
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