पंजाब

पंजाब में भारी बारिश से आनंद महिंद्रा के पुश्तैनी मकान का हिस्सा ढहा

SHIDDHANT
3 Sept 2025 12:35 AM IST
सांकेतिक तस्वीर (AI)
x
PUNJAB पंजाब: लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन और संपत्ति दोनों को प्रभावित किया है। राज्य की नदियों में उफान आ गया है और कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। अब तक बारिश और बाढ़ के कारण पंजाब में 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को लुधियाना में भारी बारिश के चलते देश और दुनिया में मशहूर बिजनेसमैन और महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के मालिक आनंद महिंद्रा के पुश्तैनी मकान का एक हिस्सा ढह गया। यह तीन मंजिला मकान लुधियाना के मोहल्ला नौघरा में स्थित है और पुरानी पतली ईंटों से बनाया गया था। घटना के समय मकान का ढहा हिस्सा खाली था, इसलिए किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। बताया जा रहा है कि यह इमारत कई सालों से खाली पड़ी हुई थी। हालांकि, महिंद्रा कंपनी के अधिकारी कभी-कभार इसकी देखभाल और निरीक्षण के लिए आते थे।
मकान की जर्जर स्थिति और मरम्मत के अभाव के कारण बारिश की तेज धार ने इसे कमजोर कर दिया था। प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नगर निगम के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने का कार्य शुरू किया। स्थानीय लोग और पड़ोसी इमारत के ढहने की घटना को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने प्रशासन से कहा कि पुराने मकानों और विरासत संपत्ति की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाए जाएं, ताकि बारिश और मौसम की मार से नुकसान कम से कम हो। इस घटना के बाद लुधियाना प्रशासन ने मोहल्ला नौघरा और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुराने मकानों और जर्जर भवनों की स्थिति का सर्वे शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने कहा कि ऐसे खतरनाक भवनों के आसपास लोगों की आवाजाही सीमित की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें खाली कराए जाने का कदम उठाया जाएगा।
महिंद्रा कंपनी के अधिकारियों ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मकान के ढहने का कोई मानव हानि नहीं हुई, यह राहत की बात है। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुराने मकानों की मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब और उत्तरी भारत में मानसून के दौरान पुरानी हवेलियों और किलों पर लगातार बारिश से खतरा रहता है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को मिलकर सुरक्षा उपायों पर ध्यान देना जरूरी है। इस घटना ने एक बार फिर राज्य में भारी बारिश और बाढ़ की गंभीर स्थिति की याद दिलाई है और पुराने इमारतों के रखरखाव की आवश्यकता को उजागर किया है।
Next Story