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परगट सिंह ने अंबिका सोनी से की मुलाकात, पंजाब कांग्रेस को मजबूत करने पर हुई चर्चा

Kavita2
4 Oct 2026 2:35 PM IST
परगट सिंह ने अंबिका सोनी से की मुलाकात, पंजाब कांग्रेस को मजबूत करने पर हुई चर्चा
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नई दिल्ली। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह ने अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मार्गदर्शन लेने का सिलसिला शुरू कर दिया है। इसी क्रम में रविवार को उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंबिका सोनी से दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। परगट सिंह ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए बताया कि दोनों के बीच पंजाब कांग्रेस को मजबूत करने को लेकर सार्थक बातचीत हुई और उन्होंने अंबिका सोनी से मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद लिया।

परगट सिंह को हाल ही में पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपी गई है। उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली है। यह संगठनात्मक बदलाव वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले हुआ है। नई भूमिका मिलने के बाद परगट सिंह लगातार वरिष्ठ नेताओं और पार्टी के विभिन्न वर्गों के साथ संपर्क साधने पर जोर दे रहे हैं।

अंबिका सोनी से उनकी मुलाकात इसी राजनीतिक और संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है। पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर समन्वय और संगठनात्मक एकजुटता को महत्वपूर्ण मुद्दा माना जाता रहा है। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष द्वारा पुराने और अनुभवी नेताओं से सलाह लेना उनकी शुरुआती रणनीति में प्रमुख स्थान रखता है।

परगट सिंह ने मुलाकात के बाद बताया कि अंबिका सोनी के साथ पंजाब कांग्रेस को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने वरिष्ठ नेता से मिले मार्गदर्शन को अपनी नई जिम्मेदारी के लिए महत्वपूर्ण बताया। इस तरह की मुलाकातों के जरिए प्रदेश संगठन से जुड़े अनुभवों और जमीनी राजनीतिक परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा सकती है।

परगट सिंह का राजनीतिक सफर खेल से राजनीति तक फैला हुआ है। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान के रूप में पहचान बनाने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। वह पंजाब सरकार में शिक्षा और खेल मंत्री भी रह चुके हैं। अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर उनके सामने पार्टी संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने की जिम्मेदारी है।

नई जिम्मेदारी संभालने के बाद परगट सिंह ने सार्वजनिक रूप से भी टीम भावना पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि वह टीम के खिलाड़ी की तरह काम करेंगे और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। हॉकी के अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने संगठन में सामूहिक निर्णय और समन्वय की जरूरत पर जोर दिया है।

पंजाब कांग्रेस के लिए आने वाला समय राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना तथा अलग-अलग नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाना प्रदेश नेतृत्व की अहम जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा। ऐसे में परगट सिंह का वरिष्ठ नेताओं से संपर्क बढ़ाना संगठनात्मक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।

अंबिका सोनी कांग्रेस की वरिष्ठ नेताओं में रही हैं और राष्ट्रीय राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रही हैं। उनके अनुभव को देखते हुए पंजाब कांग्रेस के नए नेतृत्व के लिए उनके साथ संवाद महत्वपूर्ण माना जा सकता है। परगट सिंह ने भी मुलाकात के दौरान मार्गदर्शन लेने और संगठन को मजबूत करने की चर्चा की है।

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय हुआ है जब पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति तैयार करनी है। राज्य में राजनीतिक मुकाबला बहुकोणीय है और कांग्रेस के सामने अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की चुनौती है। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष को वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व मंत्रियों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करना होगा।

परगट सिंह के सामने पार्टी के भीतर अलग-अलग मतों को एक मंच पर लाने की जिम्मेदारी भी है। हालांकि उन्होंने पार्टी के अंदर गुटबाजी की चर्चा को कम महत्व देते हुए सभी को साथ लेकर चलने की बात कही है। उनकी प्राथमिकता संगठन की कार्यक्षमता और चुनावी तैयारी को मजबूत करने पर रहने की बात सामने आई है।

नई जिम्मेदारी संभालने के बाद परगट सिंह की दिल्ली यात्रा भी इसी सिलसिले में रही। इससे पहले उन्होंने पार्टी से जुड़े वरिष्ठ लोगों से संपर्क बढ़ाने के संकेत दिए थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के परिवार से भी मुलाकात की और उनकी पत्नी गुरशरण कौर से आशीर्वाद लिया। इसके बाद अंबिका सोनी से मुलाकात ने उनकी वरिष्ठ नेतृत्व से संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

परगट सिंह की इन मुलाकातों का एक अहम पक्ष यह भी है कि वे प्रदेश कांग्रेस की नई जिम्मेदारी संभालने से पहले पार्टी की पुरानी पीढ़ी के अनुभव को समझने का प्रयास कर रहे हैं। पंजाब की राजनीति में कांग्रेस का लंबा इतिहास रहा है और वरिष्ठ नेताओं के पास संगठन, चुनाव और राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों का व्यापक अनुभव है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के सामने केवल चुनावी रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि संगठन की आंतरिक व्यवस्था को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण होता है। जिला और ब्लॉक स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को गति देना, कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनना और स्थानीय नेतृत्व के बीच समन्वय बनाए रखना भी इसी भूमिका का हिस्सा है।

परगट सिंह के लिए पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी संगठन की स्थिति को समझना भी जरूरी होगा। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी विधानसभा सीटों तक पार्टी की चुनौतियां अलग-अलग हो सकती हैं। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं से बातचीत कर व्यापक दृष्टिकोण तैयार करना उनके लिए उपयोगी हो सकता है।

आगामी चुनावों को देखते हुए कांग्रेस के सामने पंजाब में अपने पारंपरिक जनाधार को मजबूत बनाए रखने के साथ नए मतदाता समूहों तक पहुंच बनाने की भी चुनौती रहेगी। इसके लिए संगठनात्मक सक्रियता और स्पष्ट राजनीतिक संदेश दोनों जरूरी होंगे।

परगट सिंह ने अभी से पार्टी संगठन में संवाद की प्रक्रिया शुरू करके यह संकेत दिया है कि वरिष्ठ नेताओं की सलाह को महत्व दिया जाएगा। अंबिका सोनी के साथ हुई मुलाकात में भी पंजाब कांग्रेस को मजबूत करने पर बातचीत होना इसी दिशा में देखा जा रहा है।

कांग्रेस नेतृत्व ने परगट सिंह की नियुक्ति ऐसे समय की है जब पार्टी को आगामी चुनावों के लिए संगठनात्मक तैयारी बढ़ानी है। उनके खेल पृष्ठभूमि और टीमवर्क के अनुभव को भी संगठन में काम करने की शैली से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने खुद कहा है कि टीम के सभी सदस्यों की अपनी भूमिका होती है और पार्टी को सामूहिक रूप से आगे बढ़ना चाहिए।

पंजाब कांग्रेस में नई टीम के सामने एक और महत्वपूर्ण काम पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर संवाद कायम करना होगा। बड़े चुनाव से पहले संगठन के भीतर स्पष्ट जिम्मेदारियां और समन्वय की व्यवस्था पार्टी की तैयारियों को प्रभावित कर सकती है।

परगट सिंह का वरिष्ठ नेताओं से मिलना इसलिए भी अहम है क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उन्हें जल्द ही राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा और संगठनात्मक बैठकों का सिलसिला शुरू करना होगा। ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मिली सलाह आगामी संगठनात्मक फैसलों का आधार बन सकती है।

अंबिका सोनी से मुलाकात के दौरान किन-किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि परगट सिंह ने अपने संदेश में पंजाब कांग्रेस को मजबूत करने से संबंधित बातचीत का उल्लेख किया है।

राजनीतिक रूप से यह मुलाकात किसी चुनावी गठबंधन या टिकट वितरण से संबंधित घोषणा नहीं है। इसे नए प्रदेश अध्यक्ष द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से संवाद की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। आगे की रणनीति और संगठनात्मक फैसले पार्टी नेतृत्व के स्तर पर तय होंगे।

आने वाले महीनों में परगट सिंह की भूमिका पर नजर रहेगी। उन्हें प्रदेश संगठन को मजबूत करने के साथ चुनावी तैयारियों को गति देने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और पार्टी की रणनीति को जमीन तक पहुंचाने का काम करना होगा।

वरिष्ठ नेताओं का अनुभव इस प्रक्रिया में उनके लिए उपयोगी हो सकता है। यही वजह है कि परगट सिंह नई जिम्मेदारी संभालने के शुरुआती दिनों में लगातार पार्टी के अनुभवी चेहरों से मुलाकात कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह ने रविवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंबिका सोनी से दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने बताया कि पंजाब कांग्रेस को मजबूत करने पर दोनों के बीच सार्थक बातचीत हुई और उन्होंने अंबिका सोनी का मार्गदर्शन व आशीर्वाद लिया। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद परगट सिंह वरिष्ठ नेताओं से संवाद बढ़ा रहे हैं और संगठन को मजबूत करने की दिशा में शुरुआती कदम उठा रहे हैं। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस को एकजुट और सक्रिय करना उनके सामने बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी होगी।

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