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Fazilka फ़ाज़िल्का ज़िले के जोरकी कंकर वाली गाँव के किसान प्रेम कुमार की धान की लगभग तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली फ़सल रविवार को भारी बारिश के कारण स्थानीय अनाज मंडी में पानी भरने से बह गई। इससे वहाँ पानी की निकासी का इंतज़ाम ठीक न होने की बात सामने आई है।
प्रेम कुमार ने बताया, "मैं मंडी में PR किस्म की धान की 12 ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर आया था, जिनमें से लगभग तीन ट्रॉली धान बह गई।" उन्होंने अपनी फ़सल का लगभग 25 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान लगाया है। खेती ही उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र ज़रिया है। परिवार अब खराब हुई फ़सल को बचाने की कोशिश कर रहा है; वे बिखरे हुए धान को इकट्ठा कर रहे हैं और उसे सुखाने व साफ़ करने के लिए घर ले जा रहे हैं, ताकि बाद में उसे वापस मंडी लाया जा सके।
आढ़तिया एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव गोल्डी सचदेवा ने कहा कि खराब हुई या बह गई धान के मालिकों और उसकी मात्रा की पहचान करना एक बड़ी चुनौती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रविवार तड़के फ़ाज़िल्का में 28 मिमी बारिश हुई। कुछ जगहों पर पानी का स्तर तीन से चार फ़ीट तक बढ़ गया, जिससे धान को नुकसान पहुँचा।
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