पंजाब

गर्भपात आरोपों के बीच विपक्ष ने Bhagwant Mann पर साधा निशाना

Ratna Netam
9 May 2026 12:32 PM IST
गर्भपात आरोपों के बीच विपक्ष ने Bhagwant Mann पर साधा निशाना
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Punjab.पंजाब: पंजाब की राजनीतिक गलियारों में ‘शुकराना यात्रा’ को लेकर गर्मजोशी बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस यात्रा से जुड़ी घटनाओं में गंभीर नैतिक और कानूनी प्रश्न उठते हैं। विशेष रूप से, विपक्ष ने शुकराना यात्रा से जुड़े गर्भपात के कथित मामलों को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा।
विपक्ष के नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की इस यात्रा के दौरान उठाए गए कदम और उनकी नीतियां पारदर्शिता और जिम्मेदारी के स्तर पर संदेहास्पद हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत या धार्मिक पहलू का नहीं है, बल्कि राज्य के कानून और सामाजिक जिम्मेदारियों से भी जुड़ा है। विपक्ष का आरोप है कि यदि यह तथ्य सही पाए जाते हैं, तो इससे नागरिक विश्वास पर गंभीर असर पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन आरोपों का कड़ा खंडन किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा रहा है। मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में जोर देकर कहा कि शुकराना यात्रा का उद्देश्य समाज में सकारात्मक संदेश फैलाना और पारंपरिक संस्कारों को सम्मान देना था। उन्होंने कहा, “राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप होते रहते हैं, लेकिन मेरी नीयत हमेशा लोगों की भलाई और समाज की उन्नति की रही है।”
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब की राजनीति में यह नया विवाद आगामी चुनावों में पार्टी रणनीतियों और जनता के दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकता है। शुकराना यात्रा जैसी धार्मिक और सांस्कृतिक घटनाओं को राजनीतिक रंग देना हमेशा संवेदनशील मुद्दा रहा है। विपक्ष के लिए यह एक मौका है कि वह सरकार की नीतियों और प्रशासनिक निर्णयों की आलोचना कर सके, वहीं सरकार के लिए इसे संभालना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हुआ है। ट्विटर और फेसबुक पर दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे पर तीखी बहस कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे विवाद आम जनता के बीच भ्रम और असहमति पैदा कर सकते हैं। इसलिए राजनीतिक दलों और मीडिया से अपील की जा रही है कि वे तथ्यों की पुष्टि करने के बाद ही राय दें।
इस बीच, नागरिक समाज और महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले समूहों ने भी इस मामले पर ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई कानूनी या नैतिक उल्लंघन होता है, तो उस पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से शांति और संवेदनशीलता बनाए रखने का अनुरोध किया है।
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