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Amritsar अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' ने शुक्रवार को अपनी चर्चा और एजेंडा समिति की घोषणा की। इसमें इकबाल सिंह झुंदन को चेयरमैन और रिटायर्ड रेवेन्यू ऑफिसर बलदीप सिंह को कन्वीनर नियुक्त किया गया है। इस समिति में एक्सपर्ट, विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता, पूर्व अधिकारी, किसान और कर्मचारी नेता, पत्रकार और कानूनी एक्सपर्ट शामिल हैं। पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तरसेम सिंह ने कहा कि यह समिति पंजाब के सामने मौजूद अहम सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और पंथिक मुद्दों की पहचान करेगी और समाज के अलग-अलग वर्गों से बातचीत के बाद पार्टी का भविष्य का एजेंडा तैयार करेगी।
गंगवीर राठौर को समिति का सचिव-सदस्य नियुक्त किया गया है। वह पंजाब में कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। झुंदन लंबे समय से अकाली राजनीति में सक्रिय हैं। उनकी अगुवाई में बनी एक समिति ने पहले अकाली दल की लीडरशिप में गिरावट के कारणों की जांच करते हुए एक रिपोर्ट सौंपी थी। बलदीप सिंह, जिन्होंने पंजाब के ट्रेजरी डिपार्टमेंट में काम किया है, आर्थिक मामलों में अपनी विशेषज्ञता का लाभ पैनल को देंगे।
अन्य सदस्यों में सिख विद्वान और इतिहासकार डॉ. सुखप्रीत सिंह उदोके, पूर्व शिक्षक और कर्मचारी नेता जसविंदर सिंह जहांगीर, प्रोफेसर गुरमीत सिंह धनोआ, पत्रकार और विचारक गुरप्रीत सिंह मंडियानी, रिटायर्ड एडिशनल डिप्टी कमिश्नर अरविंदर पाल सिंह, न्यूरोसर्जन डॉ. दीपेश बत्रा, सीनियर पत्रकार करमजीत सिंह, वकील सरबजीत सिंह और रिटायर्ड सिंचाई इंजीनियर बलविंदर सिंह शामिल हैं। पार्टी की महिला विंग की प्रमुख हरप्रीत कौर फिल्लौर महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर काम करेंगी। वकील गुरदीप सिंह, जिन्होंने लैंड पूलिंग पॉलिसी के खिलाफ अभियान चलाया है और इस मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, उन्हें भी समिति में शामिल किया गया है। युवा लेखक और कवि हरप्रीत सिंह बाबा बेली पंजाब की संस्कृति और लोक-संस्कृति पर चर्चा में योगदान देंगे।
समिति पंजाब के जल संसाधनों, खेती, किसानों, कर्मचारियों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास और पंथिक चिंताओं से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करेगी। यह व्यावहारिक समाधान सुझाएगी और समाज के अलग-अलग वर्गों से मिले फीडबैक के आधार पर पार्टी की नीतियों और प्राथमिकताओं को तय करने में मदद करेगी। पार्टी ने कहा कि इस कवायद का मकसद पंजाब और वहां के लोगों के हितों को केंद्र में रखकर अपना भविष्य का विज़न पेश करना है।
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