पंजाब

नवजोत सिद्धू का प्रदर्शन: पूर्व विधायक के घर बुलाई कांग्रेस नेताओं की बैठक

Kunti Dhruw
29 March 2022 11:32 AM GMT
नवजोत सिद्धू का प्रदर्शन: पूर्व विधायक के घर बुलाई कांग्रेस नेताओं की बैठक
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पंजाब विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान पद से इस्तीफा देने वाले नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाने में जुट गए हैं।

पंजाब विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान पद से इस्तीफा देने वाले नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाने में जुट गए हैं। मंगलवार को एक सप्ताह में दूसरी बार सिद्धू ने शक्ति प्रदर्शन किया। मंगलवार को सिद्धू ने लुधियाना में पूर्व विधायक राकेश पांडे के घर मीटिंग की, वहीं दूसरी तरफ मौजूदा और कुछ पूर्व विधायक चंडीगढ़ में एक बड़ी मीटिंग करने में लगे थे। सूत्रों के अनुसार सिद्धू एक बार फिर पंजाब में पार्टी की कमान अपने हाथ में लेना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने जोड़ तोड़ तो शुरू कर ही दिया है साथ ही कांग्रेस हाईकमान को सूचित किए बिना ही मीटिंगों का दौर भी शुरू कर दिया है। सिद्धू पंजाब में विधानसभा चुनाव में हार का ठीकरा चरणजीत सिंह चन्नी के सिर फोड़ रहे है वहीं सांसद मनीष तिवारी के साथ साथ पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा भी सिद्धू पर तंज कस चुके है।

पूर्व पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने कुछ समय पहले सुल्तानपुर लोधी में नवतेज सिंह चीमा के घर पर मीटिंग की थी। वहां भी करीब चालीस पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक इकट्ठा हुए थे। मंगलवार को पूर्व विधायक राकेश पांडे के लुधियाना स्थित घर में मीटिंग रखी गई। नवजोत सिंह सिद्धू जब मीटिंग खत्म करने के बाद बाहर आए तो उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की। मीडिया ने कई सवाल पूछे लेकिन सिद्धू ने एक भी जवाब नहीं दिया और पूर्व मंत्री अश्विनी सेखड़ी के साथ बरगाड़ी की तरफ निकल लिए। पूर्व मंत्री अश्विनी सेखड़ी नवजोत सिंह सिद्धू के सारथी बने हुए थे।
सुखपाल खैरा ने चंडीगढ़ के मुद्दे पर आप पर साधे कई निशाने
वहीं भुलत्थ से विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने कहा कि यह मीटिंग संगठन मजबूत करने के लिए थी। उन्होंने कांग्रेस में गुटबाजी से इनकार किया। खैरा ने कहा कि अलग-अलग बैठक नहीं हो रही है। जहां भी बैठक हो रही है वहां सिर्फ कांग्रेस को मजबूत करने के लिए विचार-विमर्श हो रहा है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के मुलाजिमों को केंद्र के अधीन लेने का फैसला गलत है और कांग्रेस इसकी पुरजोर निंदा करती है। उन्होंने कहा कि यह सोची समझी साजिश के तहत किया गया। उन्होंने कहा कि सीएम भगवंत मान गृहमंत्री के एलान करने के 12 घंटे बाद ट्वीट कर जवाब देते है। अब तो ऑल पार्टी मीटिंग बुला कर दिल्ली प्रधानमंत्री से मिला जाए और उन्हें कहा जाए कि चंडीगढ़ पर पंजाब का हक है और पंजाब को उसे सौंपा जाए। अगर प्रधानमंत्री नहीं मानते तो सुप्रीम कोर्ट का रूख कर लेना चाहिए ताकि चंडीगढ़ को कोई भी पंजाब से अलग न कर सके।
पांडे बोले-हर किसी को दिया गया था न्यौता
पूर्व मंत्री राकेश पांडे ने बताया कि बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए विचार विमर्श किया गया है। कांग्रेस में कोई धड़ेबंदी नहीं है। कांग्रेस एकजुट है और यही सभी वर्करों को कहा गया है कि कांग्रेस मरी नहीं है बल्कि हारी है। चुनाव में हार जीत तो होती रहती है। मगर कांग्रेस पार्टी अपने वर्करों के साथ खड़ी है और खड़ी रहेगी। लुधियाना के पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक के न पहुंचने के सवाल पर पांडे ने कहा कि उन्होंने हर किसी को न्यौता दिया था। अगर न्यौता मिलने के बाद भी कोई नहीं आया तो वह घर से उन्हें खींच कर तो ला नहीं सकते। अगर कोई नहीं पहुंचा तो वह कुछ नहीं कर सकते।


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