पंजाब

गिद्दड़बाहा में मातम, शहीद जवान की शादी की खुशियां बदलीं गम में

Saba Naaz
22 July 2026 4:39 PM IST
गिद्दड़बाहा में मातम, शहीद जवान की शादी की खुशियां बदलीं गम में
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श्री मुक्तसर साहिब। पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले के गिद्दड़बाहा क्षेत्र स्थित गांव बुट्टर बखूआ के 27 वर्षीय राइफलमैन सुखप्रीत सिंह देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए। नियंत्रण रेखा (LoC) पर ड्यूटी के दौरान हुए भूस्खलन में उनकी जान चली गई। जवान की शहादत की खबर गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। जिस घर में कुछ महीनों बाद शादी की खुशियां आने वाली थीं, वहां अब मातम छाया हुआ है।

जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सुंदरबनी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास स्थित अग्रिम सैन्य चौकी पर हुआ। बताया जा रहा है कि मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान पहाड़ी क्षेत्र में भूस्खलन हुआ और अचानक एक बड़ा पत्थर जवान के ऊपर आ गिरा।

हादसे के समय राइफलमैन सुखप्रीत सिंह अपने साथियों के साथ चौकी पर ड्यूटी कर रहे थे। अचानक हुए भूस्खलन के कारण वह इसकी चपेट में आ गए। पत्थर लगने से उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह संतुलन खोकर नीचे गिर गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। उनके साथ ड्यूटी कर रहे अन्य जवान सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

शहीद जवान के ताया गुरदीश सिंह ने बताया कि सुखप्रीत सिंह हमेशा देश सेवा को अपना सबसे बड़ा कर्तव्य मानते थे। वह पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ सेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे। परिवार के लिए यह खबर बेहद दुखद है, क्योंकि कुछ ही महीनों बाद उनके घर में शादी की तैयारियां शुरू होने वाली थीं।

परिजनों के अनुसार, सुखप्रीत सिंह की शादी नवंबर महीने में तय थी। परिवार ने शादी को लेकर तैयारियां शुरू कर दी थीं। पास के गांव थराजवाला की युवती के साथ उनका विवाह होना था। लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने परिवार की सारी खुशियों को गम में बदल दिया।

सुखप्रीत सिंह ने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद सेना में जाने का सपना देखा था। कड़ी मेहनत के बाद वर्ष 2019 में उनका चयन भारतीय सेना में हुआ। इसके बाद वह प्रशिक्षण के लिए मध्य प्रदेश के जबलपुर गए। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी सेवाएं दीं। इसी वर्ष मार्च महीने से उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर की गई थी।

परिवार ने बताया कि करीब तीन महीने पहले ही सुखप्रीत सिंह छुट्टी लेकर अपने गांव आए थे। उस दौरान उन्होंने परिवार के साथ समय बिताया था और शादी की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि जल्द ही परिवार को इतनी बड़ी दुखद खबर सुननी पड़ेगी।

शहीद जवान की छोटी बहन कमलप्रीत कौर इस समय कनाडा में हैं। परिवार के अनुसार, उनके वापस लौटने के बाद शुक्रवार को सुखप्रीत सिंह का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में शहीद के घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।

ग्रामीणों ने कहा कि सुखप्रीत सिंह ने कम उम्र में ही देश सेवा का रास्ता चुना था और अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। गांव के लोगों को अपने वीर सपूत पर गर्व है, लेकिन परिवार के इस अपूरणीय नुकसान से हर व्यक्ति की आंखें नम हैं।

राइफलमैन सुखप्रीत सिंह की शहादत ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवान कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटते। उनके बलिदान को पूरा क्षेत्र हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद रखेगा।

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