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Mohali: पादरी बजिंदर सिंह आठ साल पुराने बलात्कार मामले में दोषी

Admindelhi1
28 March 2025 5:08 PM IST
Mohali: पादरी बजिंदर सिंह आठ साल पुराने बलात्कार मामले में दोषी
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"पादरी की सजा का ऐलान 1 अप्रैल को किया जाएगा"

मोहाली: आठ साल पुराने बलात्कार मामले में पादरी बजिंदर सिंह को दोषी ठहराया है। अदालत ने इस मामले में अन्य पांच आरोपियों को बरी कर दिया है। इस फैसले के बाद पीड़िता और उसके परिवार में खुशी का माहौल है, हालांकि पीड़िता ने न्याय पाने के लिए लंबी और कठिन लड़ाई लड़ी है। अदालत ने पादरी बजिंदर सिंह के खिलाफ अपना फैसला सुनाया, जबकि अन्य पांच आरोपियों को बरी कर दिया। अब, पादरी की सजा का ऐलान 1 अप्रैल को किया जाएगा, जिस पर पीड़िता के परिवार ने कड़ी सजा की मांग की है।

पादरी का वीडियो और मामले की सुनवाई: कुछ दिन पहले पादरी बजिंदर सिंह का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह एक महिला को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे थे। इस वीडियो के बाद पादरी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और मामला अदालत में पहुंचा। पादरी ने कोर्ट के सामने बार-बार गुमराह करने की कोशिश की थी, और बहाने बनाकर सुनवाई में शामिल होने से बचता रहा था। वह विदेश यात्रा करता रहा था, जबकि अदालत में उसकी पेशी होनी थी। यह मामला लंबे समय से चल रहा था और इस दौरान पीड़िता और उसके परिवार को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

अदालत ने पादरी को दोषी ठहराया और अब 1 अप्रैल को सजा सुनाने का निर्णय लिया है। इस फैसले से पीड़िता और उसके परिवार को राहत मिली है, हालांकि वे अब भी चाहते हैं कि दोषी को कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में इस तरह के अपराधों को रोका जा सके।

पीड़िता का संघर्ष और खुशी: इस फैसले के बाद पीड़िता और उसके परिवार ने खुशी का इज़हार किया है। पीड़िता के परिवार का कहना है कि उन्होंने इस लड़ाई में कई मुश्किलों का सामना किया, लेकिन अंततः उन्हें न्याय मिला। पीड़िता के पति ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पादरी लगातार अदालत में पेश होने से बचता था और बहाने बनाता था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि इस फैसले ने उन्हें न्याय दिलवाया है, और अब वे चाहते हैं कि दोषी को कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई और इस तरह के अपराध की कोशिश न कर सके।

कड़ी सजा की मांग: पीड़िता के परिवार ने अब पादरी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पादरी के किए की सजा मिलनी चाहिए ताकि वह भविष्य में ऐसा कोई अपराध करने की हिम्मत न करे। परिवार ने सरकार और जनता के सहयोग का धन्यवाद किया, क्योंकि इसके जरिए उन्हें न्याय मिला। उनका कहना है कि यह फैसला न्याय की जीत है और यह साबित करता है कि न्याय में समय लगता है, लेकिन अंततः सत्य की ही जीत होती है।

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