पंजाब

Mohali: फर्जी नियुक्ति पत्र वायरल होने पर सांसद ने दर्ज कराई शिकायत

Admindelhi1
30 Jun 2026 11:39 AM IST
Mohali: फर्जी नियुक्ति पत्र वायरल होने पर सांसद ने दर्ज कराई शिकायत
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मोहाली: गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने संबंधी फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में स्टेट साइबर क्राइम थाना, मोहाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई सांसद की शिकायत के आधार पर की गई।

जानकारी के अनुसार, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इस संबंध में पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को शिकायत भेजी थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और विभिन्न व्हाट्सएप समूहों में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के नाम से एक फर्जी और मनगढ़ंत पत्र प्रसारित किया जा रहा है। इस पत्र में उन्हें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने का दावा किया गया है।

रंधावा ने स्पष्ट किया कि यह पत्र पूरी तरह फर्जी, अनधिकृत और दुर्भावनापूर्ण तरीके से तैयार किया गया है। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जनता को गुमराह करना तथा राजनीतिक भ्रम की स्थिति पैदा करना है।

सांसद ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया कि इससे पहले भी उनके निधन की झूठी खबर सोशल मीडिया पर फैलाई गई थी, जिसकी शिकायत उन्होंने पंजाब पुलिस को दी थी। हालांकि, उस मामले में आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आशंका जताई कि दोनों घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह का हाथ हो सकता है और दोनों मामलों की संयुक्त जांच कर पहले मामले की कार्रवाई रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाए।

रंधावा ने कहा कि किसी राष्ट्रीय राजनीतिक दल के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करना न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है, बल्कि इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के विश्वास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

शिकायत की जांच के बाद स्टेट साइबर क्राइम थाना, मोहाली ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 336(2), 340(2) और 356(1) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तकनीकी और साइबर जांच के माध्यम से फर्जी पत्र के मूल स्रोत का पता लगाया जा रहा है। साथ ही इसे सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों में प्रसारित करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर जांच के दौरान अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।

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