पंजाब
Mock Fire Drill: सिविल अस्पताल में आग सुरक्षा तैयारियों की जांच
Ratna Netam
8 May 2026 3:34 PM IST

x
Jalandhar.जालंधर: शहीद बाबू लाभ सिंह मेमोरियल सिविल अस्पताल में सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए हाल ही में मॉक फायर ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य अस्पताल कर्मचारियों और स्टाफ को आग लगने जैसी आपात परिस्थितियों में तेजी और सुरक्षित तरीके से प्रतिक्रिया देना सिखाना था।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक आग लगने की स्थिति तैयार की गई, जिसमें कर्मचारियों को मरीजों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने और आग बुझाने के उपकरणों का सही इस्तेमाल करने का अभ्यास कराया गया। ड्रिल में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, सफाईकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
सुरक्षा अधिकारी ने बताया, "मॉक फायर ड्रिल का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को आपात स्थिति के लिए तैयार करना और यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी संकट की स्थिति में मरीज और स्टाफ दोनों सुरक्षित रहें।" उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में उपलब्ध सभी फायर अलार्म और अग्निशमन उपकरणों का सही इस्तेमाल दिखाया गया और कर्मचारियों को उनके संचालन में प्रशिक्षित किया गया।
इस अवसर पर अस्पताल निदेशक ने कहा, "हमारे लिए मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है। मॉक फायर ड्रिल जैसी पहल कर्मचारियों में जागरूकता पैदा करती है और आपातकालीन परिस्थितियों में उनके आत्मविश्वास को बढ़ाती है।"
ड्रिल के दौरान कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में निकासी मार्गों, प्राथमिक बचाव उपकरणों और आपातकालीन अलार्म का सही उपयोग करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि इस ड्रिल से उन्हें यह समझने में मदद मिली कि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए और किस तरह से व्यवस्थित निकासी की जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में नियमित रूप से मॉक फायर ड्रिल जैसी गतिविधियों का आयोजन करना अत्यंत आवश्यक है। इससे कर्मचारियों में सतर्कता बढ़ती है और आपातकालीन स्थितियों में उनकी प्रतिक्रिया की गति और प्रभावशीलता बढ़ती है। इसके साथ ही, अस्पताल में आग लगने जैसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है।
अस्पताल प्रशासन ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की ड्रिल को और व्यापक रूप से आयोजित किया जाएगा। कर्मचारियों को आग बुझाने, मरीजों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने और आपातकालीन परिस्थितियों का प्रबंधन करने की ट्रेनिंग नियमित रूप से दी जाएगी।
मॉक फायर ड्रिल के दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की प्रशिक्षण गतिविधियाँ न केवल उनके कौशल को बढ़ाती हैं बल्कि मरीजों और आगंतुकों के लिए अस्पताल को सुरक्षित बनाने में भी मदद करती हैं।
Next Story





