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Punjab पंजाब। शहर में चावला मोबाइल शॉप पर हुई फायरिंग की घटना को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मामले में संगठित वसूली गिरोह की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है, जिसके बाद जांच तेज कर दी गई है। जालंधर पुलिस आयुक्त Satinder Singh ने बताया कि शुरुआती जांच में यह पैटर्न सामने आया है कि जब भी दुकानदारों को वसूली (एक्सटॉर्शन) की कॉल की जाती है, तो “असीम” नाम का व्यक्ति मुख्य रूप से कॉल करता है। इसके बाद गिरोह के सदस्य दुकानों पर फायरिंग की घटनाओं को अंजाम देते हैं और मौके से फरार हो जाते हैं।
पुलिस आयुक्त के अनुसार, इस मामले में भी इसी तरह की साजिश का संदेह है। वसूली कॉल के बाद चावला मोबाइल शॉप पर फायरिंग की गई और आरोपी मौके से भाग निकले। हालांकि, स्थानीय लोगों की मदद और सक्रियता के चलते पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके नेटवर्क, अन्य साथियों और गिरोह के संचालन के तरीके की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह गैंग इलाके में दहशत फैलाकर व्यापारियों से पैसे वसूलने की कोशिश करता है।
अधिकारियों ने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है। पुलिस ने व्यापारियों को आश्वस्त किया है कि किसी भी तरह की धमकी या वसूली कॉल की तुरंत सूचना पुलिस को दें। इस घटना के बाद जालंधर में सुरक्षा व्यवस्था और गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि ऐसे आपराधिक गिरोहों पर लगाम लगाई जा सके।
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