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लुधियाना। पंजाब के लुधियाना जिले में एक निजी स्कूल की नाबालिग छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल में कार्यरत चपरासी पर 16 वर्षीय छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार करने और उसका वीडियो बनाने का आरोप लगा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्कूल प्रशासन और पीड़िता के परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। घटना ने शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
किताब लेने गई छात्रा के साथ छेड़छाड़ का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना लुधियाना के टिब्बा थाना क्षेत्र स्थित एक निजी स्कूल की है। पीड़ित छात्रा स्कूल के एक कमरे में किताब लेने गई थी। इसी दौरान वहां मौजूद चपरासी ने कथित तौर पर उसके साथ अनुचित व्यवहार किया।शिकायत के मुताबिक, छात्रा अपने शिक्षक के निर्देश पर किताब लेने गई थी। आरोप है कि कमरे में पहुंचे चपरासी ने छात्रा को पकड़ लिया और उसके साथ छेड़छाड़ की।बताया गया कि छात्रा किसी तरह आरोपी से खुद को छुड़ाकर कमरे से बाहर निकली। इसके बाद घटना की जानकारी सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत पुलिस तक पहुंचाई गई।
CCTV फुटेज में कैद हुई घटना
इस मामले में स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी है। रिपोर्टों के अनुसार, स्कूल प्रशासन ने संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया।पुलिस ने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इससे शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल करने में मदद मिली।पीड़िता के परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने छात्रा का वीडियो बनाया था। हालांकि, वीडियो बनाने से जुड़े आरोप की पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
रोज़ाना स्पोक्समैन
16 अक्टूबर को पुलिस के पास पहुंची शिकायत
टिब्बा पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर जसप्रीत सिंह ने बताया कि 16 अक्टूबर को मामले की शिकायत पुलिस को प्राप्त हुई थी।शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्रारंभिक जानकारी जुटाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की।पुलिस के अनुसार, आरोपी चपरासी की पहचान प्रिंस पाल के रूप में हुई है। मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस ने बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज
नाबालिग छात्रा से जुड़े आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 यौन उत्पीड़न से संबंधित है। वहीं, पॉक्सो अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया विशेष कानून है।इस कानून के तहत नाबालिगों से जुड़े यौन अपराधों की जांच और सुनवाई के लिए विशेष कानूनी प्रावधान मौजूद हैं।मामले में आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर होगा।
स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा और कर्मचारियों की निगरानी से जुड़े सवाल सामने ला दिए हैं।विद्यालयों में विद्यार्थी अपने शिक्षकों और कर्मचारियों पर भरोसा करते हैं। ऐसे में स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।शिक्षण संस्थानों में कर्मचारियों का सत्यापन, संवेदनशील स्थानों की निगरानी और बच्चों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।इसके साथ ही बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार की पहचान तथा शिकायत करने के तरीकों की जानकारी देना भी जरूरी है।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।विशेष रूप से छात्रा का कथित वीडियो बनाए जाने के आरोप की भी पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कानूनी कार्रवाई जारी है। नाबालिग छात्रा की पहचान और निजी जानकारी गोपनीय रखी गई है।यह घटना बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रशासन, अभिभावकों और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियों को रेखांकित करती है।
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