पंजाब

Jalandhar में पानी शुल्क वसूली में कमी पर मेयर ने कड़ी प्रतिक्रिया

Ratna Netam
9 April 2026 2:13 PM IST
Jalandhar में पानी शुल्क वसूली में कमी पर मेयर ने कड़ी प्रतिक्रिया
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Jalandhar.जालंधर: जालंधर शहर में पानी आपूर्ति से होने वाली आमदनी की वसूली को लेकर मेयर ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। मेयर ने कहा कि शहर की नगरपालिका द्वारा पानी शुल्क और बिल वसूली में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी संबंधित अधिकारी तुरंत सुधारात्मक कदम उठाएं।
सूत्रों के अनुसार, मेयर ने अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट किया कि शहर की आय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पानी की वसूली से आता है और इसमें कमी सीधे नगर निगम की वित्तीय स्थिति को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि वसूली में गड़बड़ी या ढिलाई किसी भी रूप में सहन नहीं की जाएगी।
बैठक में मेयर ने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड में वसूली की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाए और डिफॉल्टरों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि तकनीकी तरीकों और डिजिटल भुगतान के माध्यम से बिल वसूली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में पानी शुल्क वसूली में गिरावट देखी गई है। मेयर ने इस गिरावट के पीछे के कारणों का अध्ययन करने के लिए एक विशेष टीम गठित करने और समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि वसूली में कमी केवल प्रशासनिक समस्या नहीं, बल्कि शहर के विकास कार्यों पर भी प्रतिकूल असर डालती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहरों में पानी की वसूली में लापरवाही लंबे समय में नगरपालिका की वित्तीय स्थिरता पर असर डाल सकती है। यदि नियमित रूप से वसूली नहीं होती है, तो पानी की आपूर्ति और रखरखाव में समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
मेयर ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा और नगर निगम की आय दोनों सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी होगी। उन्होंने डिजिटल बिलिंग, समय पर कलेक्शन और जागरूकता अभियानों पर जोर दिया।
स्थानीय नागरिकों ने भी मेयर के कदम की सराहना की और कहा कि यदि नगर निगम समय पर वसूली और पानी की आपूर्ति में सुधार करता है, तो शहर के विकास और नागरिकों की सुविधा दोनों बेहतर होंगे।
अंततः, जालंधर के मेयर की इस फटकार ने शहर के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि पानी से होने वाली आमदनी की वसूली में कोई कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही यह कदम शहर की वित्तीय स्थिरता और सार्वजनिक सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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