
अमृतसर। शहर में बस स्टैंड के नजदीक राम तलाई चौक के पास वीरवार देर रात निजी कंपनी की दो बसें अचानक आग की चपेट में आ गईं। आग पहले एक बस में लगी और कुछ ही देर में तेजी से फैलते हुए दूसरी बस को भी अपनी चपेट में ले लिया। दोनों बसों में लगी आग इतनी भीषण थी कि उसे बुझाने में दमकल विभाग की तीन गाड़ियों को करीब दो घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आग लगने की सूचना मिलने के बाद आसपास के लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। कुछ ही देर में दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। बसों में आग तेजी से फैल रही थी, जिसके कारण दमकलकर्मियों को कई तरफ से पानी की बौछार करनी पड़ी। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों बसें निजी कंपनी की थीं और उन्हें रात में राम तलाई चौक के पास पार्क किया गया था। देर रात अचानक एक बस में आग लग गई। उस समय वहां मौजूद लोगों को जैसे ही इसकी भनक लगी, उन्होंने शोर मचाकर आसपास के लोगों को सतर्क किया। देखते ही देखते आग की लपटें ऊंची उठने लगीं और पास खड़ी दूसरी बस भी उसकी चपेट में आ गई।
दोनों बसों के एक साथ आग की चपेट में आने से घटनास्थल पर धुआं फैल गया। आसपास रहने वाले लोगों में भी चिंता बढ़ गई। आग की लपटें देखकर स्थानीय लोग सड़क की ओर निकल आए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और दमकल की गाड़ियों के लिए रास्ता साफ कराया।
फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। दमकल कर्मचारियों ने पहले आग को सीमित करने की कोशिश की, ताकि लपटें आसपास खड़ी अन्य गाड़ियों या किसी इमारत तक न पहुंचें। इसके बाद दोनों बसों में लगी आग को पूरी तरह बुझाने का प्रयास किया गया। लंबे समय तक चले अभियान के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
हादसे में दोनों बसों को काफी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। आग से बसों का बड़ा हिस्सा जल गया। हालांकि घटना के समय बसों में यात्री सवार नहीं थे, क्योंकि दोनों वाहन पार्क किए गए थे। इस वजह से किसी यात्री के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट, तकनीकी खराबी या किसी अन्य वजह से लगी, इसकी जांच की जा रही है। इसके साथ ही किसी साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
पुलिस को आशंका है कि यह घटना पुरानी रंजिश का परिणाम भी हो सकती है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि आग जानबूझकर लगाई गई है तो यह पता लगाना होगा कि इसके पीछे किसका हाथ था और घटना को किस तरह अंजाम दिया गया।
घटना के बाद पुलिस आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाने में लगी हुई है। पुलिस टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आग लगने से पहले और बाद में घटनास्थल के आसपास कौन-कौन लोग या वाहन मौजूद थे। कैमरों की फुटेज से किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि के बारे में सुराग मिलने की उम्मीद है।
जांच में बसों के आसपास की गतिविधियों पर भी नजर डाली जा रही है। जिस स्थान पर बसें पार्क थीं, वहां किसी तरह की हलचल हुई थी या नहीं, इसका पता लगाने के लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा सकती है। इसके अलावा बस कंपनी के कर्मचारियों और वाहन चालकों से भी जानकारी ली जा रही है।
पुलिस यह भी जांच करेगी कि दोनों बसों को किस समय वहां पार्क किया गया था और आखिरी बार उन्हें किसने देखा था। यदि आग लगने और पुलिस के पहुंचने के बीच की अवधि की जानकारी मिलती है तो उससे जांच को दिशा मिल सकती है।
पुरानी रंजिश की आशंका सामने आने के बाद पुलिस बस कंपनी और उससे जुड़े लोगों के बीच पहले हुए विवादों की भी जानकारी जुटा सकती है। यदि किसी व्यक्ति या समूह से पहले विवाद रहा है तो उससे संबंधित रिकॉर्ड और शिकायतों की जांच की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस यह भी देखेगी कि हाल के दिनों में बस कंपनी को किसी तरह की धमकी मिली थी या नहीं।
घटना के बाद दमकल विभाग ने भी आग के संभावित कारणों का आकलन शुरू किया है। जली हुई बसों की तकनीकी जांच के दौरान वायरिंग, बैटरी, इंजन और अन्य हिस्सों की स्थिति देखी जा सकती है। यदि आग किसी तकनीकी कारण से लगी होगी तो उसके संकेत बसों के क्षतिग्रस्त हिस्सों में मिल सकते हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात के समय अचानक बसों में आग लगने से आसपास के क्षेत्र में काफी हलचल मच गई। आग की लपटों और धुएं के कारण लोगों में डर का माहौल बन गया था। हालांकि समय रहते दमकल की टीम पहुंच गई, जिससे आग को आसपास फैलने से रोका जा सका।
पुलिस की प्राथमिकता फिलहाल घटना की वजह का पता लगाना और किसी आपराधिक साजिश की स्थिति में जिम्मेदार लोगों तक पहुंचना है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से मिलने वाले भौतिक साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जाएगा।
घटना के समय दोनों बसें पार्क थीं, इसलिए यह भी देखा जा रहा है कि आग स्वतः लगी या बसों को निशाना बनाया गया। यदि सीसीटीवी में कोई संदिग्ध व्यक्ति या वाहन दिखाई देता है तो उसकी पहचान करने की कोशिश की जाएगी।
अमृतसर जैसे व्यस्त शहर में निजी बसों के खड़े रहने वाले स्थानों की सुरक्षा भी इस घटना के बाद चर्चा में आ सकती है। बसों में आग लगने के कारण भले ही अभी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन घटना ने पार्किंग स्थलों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल भी खड़े किए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पुरानी रंजिश सहित सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
वीरवार देर रात राम तलाई चौक के पास हुई इस घटना में निजी कंपनी की दो बसें जलकर क्षतिग्रस्त हो गईं। दमकल की तीन गाड़ियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि बसों में आग आखिर किस वजह से लगी और क्या इसके पीछे किसी पुरानी रंजिश का हाथ है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आएगी।





