आदमपुर .शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान कह रहे हैं कि राज्य के राज्यपाल उनसे कोई सवाल नहीं कर सकते, क्योंकि वह 'चुने हुए' यां ''निर्वाचित' नहीं हैं, लेकिन उन्हें बताना चाहिए कि पंजाब के मामलों को चलाने के लिए आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल को अनुमति क्यों दी जा रही हैं। अकाली दल अध्यक्ष ने कहा,"मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि क्या अरविंद केजरीवाल पंजाब से चुने गए हैं।" उन्होंने कहा कि इसी तरह दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जो पंजाब से नहीं चुने गए थे, ने राज्य की आबकारी नीति तैयार की थी। उन्होंने कहा, "यहां तक कि राघव चड्डा सीधे तौर पर पंजाबियों द्वारा नहीं चुने गए, फिर भी सिविल और पुलिस पोस्टिंग के निर्णय क्यों ले रहे हैं। "
एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा," मुख्यमंत्री राज्य में असंवैधानिक संकट के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं। उन्होंने पंजाब के मामलों को आप दिल्ली नेतृत्व को सौंप दिया है, जोकि असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उन सवालों का जवाब देने से इन्कार कर रहे हैं, जो राज्यपाल ने उनसे पूछे हैं,जो भ्रष्टाचार और अवैध फैसलों से संबधित हैं तथा यही सवाल राजनीतिक पार्टियों ने पूछे थे। राजनीतिक दलों और नागरिकों ने आरटीआई के माध्यम से अपने उत्तर पाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें रोक दिया गया।
उन्होंने कहा कि इसके बाद राज्यपाल से संपर्क करके राजनीतिक पार्टियों मुख्यमंत्री द्वारा आप पार्टी सरकार द्वारा लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देने के लिए कहा। सरदार बादल ने कहा कि अकाली दल हमेशा संघवाद का समर्थक रहा है और राज्य के मामलों में केंद्रीय हस्तक्षेप के खिलाफ रहा है। उन्होंने कहा, " हालांकि राज्यपाल द्वारा उठाए गए मुददे भ्रष्टाचार और यहां तक कि असंवैधानिक नियुक्तियों के साथ साथ छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं करने के कारण अनुसूचित जाति के 2.5 लाख छात्रों की पढ़ाई बंद करने से संबंधित है। उन्होंने कहा कि आप पार्टी की सरकार को जनभलाई के इन मुददों पर स्पष्टीकरण देने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने बताया कि कैसे अकाली दल ने राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से संपर्क कर उनसे अनुरोध किया था कि पंजाब के बाहरी राज्यों हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब के बाहर सरकार द्वारा जारी अपनी पार्टी का प्रचार करने के लिए जारी किए गए सभी विज्ञापनों के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए। "
उन्होंने कहा, "हमने आम आदमी पार्टी से अन्य राज्यों में विज्ञापनों में सरकार द्वारा बर्बाद किए गए सार्वजनिक धन राशि की वसूली की मांग की है। " सरदार बादल ने कहा कि एक साल में विज्ञापनों के लिए 750 करोड़ रुपये आवंटित करने सहित सरकार की गलत नीतियों के कारण लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं, इस पैसे का इस्तेमाल विभिन्न सामाजिक भलाई योजनाओं पर किया जा सकता था। उन्होने उदाहरण देते हुए कहा,"इनमें आर्शीवाद योजना भी शामिल है, जिसके तहत पिछले दस महीनों से सरकार द्वारा कमजोर वर्गों के नवविवाहितों को 51 हजार रुपये के 'शगुन' वितरित नहीं किए गए हैं।
शिअद अध्यक्ष ने प्रमुख अखबारों में पूरे पेज के विज्ञापन निकालने के लिए आप पार्टी की सरकार की निंदा करते हुए कहा कि इसने 2.5 लाख नौजवानों को नौकरी देने के अलावा 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सफेद झूठ बोल रहे हैं। राज्य में कोई निवेश नहीं आया है, वास्तव में उद्योग उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों की ओर जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा मुख्यमंत्री को राज्य में स्थापित किए गए नये उद्योगों के पते सूचीबद्ध करने चाहिए। उन्होंने कहा, " इसी तरह श्री मान के 2.5 लाख नौकरियां देने के दावे पर विश्वास किया जाए तो इसका मतलब है कि राज्य के प्रत्येक गांव में 20 नौकरियां दी गई हैं। यह सरासर झूठ है। मैं मुख्यमंत्री को 500 नौजवानों के नाम देने की चुनौती देता हूं, जिन्हें नौकरी दी गई है। "





