पंजाब

Ludhiana टोल पर बड़ा विरोध, कैशलेस सिस्टम पर असहमति

Ratna Netam
15 April 2026 2:08 PM IST
Ludhiana टोल पर बड़ा विरोध, कैशलेस सिस्टम पर असहमति
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Punjab.पंजाब: Ludhiana के एक प्रमुख टोल प्लाजा पर उस समय स्थिति बदल गई जब कर्मचारियों ने कैशलेस सिस्टम के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया। इस विरोध के चलते दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक टोल वसूली पूरी तरह रोक दी गई, जिससे यात्रियों को अस्थायी राहत मिली। सूत्रों के अनुसार, टोल कर्मचारियों का कहना है कि प्रस्तावित कैशलेस सिस्टम से उनकी नौकरी और कार्यप्रणाली पर असर पड़ सकता है। उनका आरोप है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद कई कर्मचारियों की भूमिका सीमित हो जाएगी, जिससे रोजगार को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने टोल प्लाजा पर शांतिपूर्ण तरीके से काम रोक दिया और मांग की कि जब तक उनकी चिंताओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक कैशलेस सिस्टम को लागू न किया जाए। इस दौरान लंबी कतारें तो नहीं लगीं क्योंकि टोल वसूली पहले ही रोक दी गई थी, लेकिन प्रशासनिक हलचल जरूर बढ़ गई।
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बातचीत की प्रक्रिया शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि वे कर्मचारियों की चिंताओं को समझ रहे हैं और समाधान निकालने के लिए संबंधित पक्षों के साथ चर्चा की जा रही है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यातायात व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। Ludhiana के इस टोल प्लाजा पर पहले से ही डिजिटल भुगतान और फास्टैग सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा था, लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि पूरी तरह कैशलेस व्यवस्था लागू होने से कई तकनीकी और रोजगार संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। यात्रियों ने इस अस्थायी टोल फ्री व्यवस्था को राहत के रूप में देखा, हालांकि कुछ लोगों ने यह भी कहा कि बार-बार होने वाले ऐसे विरोध से यात्रा व्यवस्था प्रभावित होती है और समाधान जल्द निकाला जाना चाहिए।
ट्रांसपोर्ट विशेषज्ञों का मानना है कि कैशलेस सिस्टम आधुनिक परिवहन व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन इसे लागू करने से पहले कर्मचारियों के हितों और तकनीकी तैयारियों को ध्यान में रखना जरूरी है। उनका कहना है कि संतुलित नीति ही स्थायी समाधान दे सकती है।
इस बीच, टोल प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बातचीत जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही कोई समझौता निकल सकता है ताकि संचालन सामान्य रूप से फिर शुरू हो सके।
कुल मिलाकर, यह मामला Punjab में तकनीकी बदलाव और रोजगार सुरक्षा के बीच संतुलन की चुनौती को उजागर करता है।
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