पंजाब

मालोट में स्वास्थ्य केंद्र की बड़ी लापरवाही

Kavita2
6 Aug 2026 10:13 AM IST
मालोट में स्वास्थ्य केंद्र की बड़ी लापरवाही
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मालोट। पंजाब के मालोट शहर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग महिला मंगलवार दोपहर से लापता होने के बाद बुधवार सुबह एक स्वास्थ्य केंद्र के वॉशरूम में बंद मिलीं। आरोप है कि केंद्र के कर्मचारियों ने बिना यह जांच किए ही स्वास्थ्य केंद्र बंद कर दिया कि परिसर के अंदर कोई व्यक्ति मौजूद है या नहीं।

जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 10 की रहने वाली और घरों में काम करने वाली कृष्णा रानी मंगलवार को दवा लेने के लिए मालोट के आयुष्मान आरोग्य केंद्र (पहले आम आदमी क्लिनिक) गई थीं। इसी दौरान वह केंद्र के वॉशरूम में गईं, लेकिन वहां से बाहर निकलने से पहले ही स्वास्थ्य केंद्र बंद कर दिया गया।

परिवार का आरोप है कि स्टाफ ने केंद्र बंद करते समय वॉशरूम की जांच नहीं की, जिसके कारण बुजुर्ग महिला पूरी रात अंदर बंद रहीं।

दवा लेने पहुंची थीं स्वास्थ्य केंद्र

बताया जा रहा है कि कृष्णा रानी नियमित दवा लेने के लिए आयुष्मान आरोग्य केंद्र पहुंची थीं। दोपहर के समय वह केंद्र में मौजूद थीं और इसी दौरान उन्हें वॉशरूम जाना पड़ा।

परिवार के मुताबिक, जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटीं तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। पहले आसपास के इलाकों में उन्हें ढूंढा गया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को भी दी गई।

रातभर परिवार करता रहा तलाश

बुजुर्ग महिला के अचानक गायब होने के बाद परिवार के लोग परेशान हो गए। उन्होंने रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की।

परिजनों ने पुलिस को भी इसकी जानकारी दी। रातभर तलाश के बावजूद महिला का कोई सुराग नहीं मिल सका। परिवार को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि वह स्वास्थ्य केंद्र के अंदर ही बंद हैं।

बुधवार सुबह मिलीं वॉशरूम में बंद

बुधवार सुबह जब स्वास्थ्य केंद्र खुला तो वहां मौजूद कर्मचारियों और लोगों को वॉशरूम के अंदर से आवाज सुनाई दी। इसके बाद दरवाजा खोला गया तो कृष्णा रानी अंदर बंद मिलीं।

उन्हें बाहर निकाला गया। लंबे समय तक बंद रहने के कारण महिला काफी परेशान और कमजोर हालत में थीं। राहत मिलने के बाद परिजनों को इसकी जानकारी दी गई।

स्टाफ पर लापरवाही का आरोप

परिवार और स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि केंद्र बंद करने से पहले पूरे परिसर की जांच की जानी चाहिए थी।

परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर किसी ने ध्यान दिया होता तो बुजुर्ग महिला को पूरी रात वॉशरूम के अंदर नहीं रहना पड़ता। उन्होंने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

स्वास्थ्य विभाग से जवाब की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र जैसी जगह पर ऐसी लापरवाही गंभीर मामला है।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से इस घटना की जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि केंद्र बंद करने के समय कौन-कौन कर्मचारी मौजूद थे और किस स्तर पर लापरवाही हुई।

जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी की गलती सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में बड़ी संख्या में मरीज और बुजुर्ग लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं।

ऐसे में केंद्र बंद करने से पहले मरीजों और आगंतुकों की मौजूदगी सुनिश्चित करना बेहद जरूरी माना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्मचारियों को अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए।

बुजुर्ग महिला की हालत अब सामान्य

परिजनों के अनुसार, कृष्णा रानी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घटना के बाद वह काफी डरी हुई थीं, लेकिन अब उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।

परिवार ने राहत की सांस ली है, लेकिन साथ ही इस घटना को लेकर नाराजगी भी जताई है।

कुल मिलाकर, मालोट में सामने आया यह मामला स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों की जिम्मेदारी और सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दवा लेने पहुंची बुजुर्ग महिला के रातभर वॉशरूम में बंद रहने की घटना ने प्रशासन को भी जांच के लिए मजबूर कर दिया है।

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