पंजाब

Ludhiana का स्टार खिलाड़ी रब्बीगुएल अंडर-13 पंजाब रैंकिंग में नंबर 1

Ratna Netam
6 May 2026 6:35 PM IST
Ludhiana का स्टार खिलाड़ी रब्बीगुएल अंडर-13 पंजाब रैंकिंग में नंबर 1
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Ludhiana.लुधियाना: लुधियाना के एक छोटे से गांव का 12 वर्षीय लड़का रब्बीगुएल ने अंडर-13 पंजाब बैडमिंटन रैंकिंग में नंबर 1 का स्थान हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। रब्बीगुएल की यह उपलब्धि न केवल उसके परिवार और गांव के लिए गर्व का कारण बनी है बल्कि यह पंजाब के युवा खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई है।
रब्बीगुएल ने बैडमिंटन की शुरुआत महज 7 साल की उम्र में की थी। छोटे गांव के सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कठिन मेहनत और लगन से अपने खेल में उत्कृष्टता हासिल की। उनके कोच और स्थानीय खेल प्रशिक्षक का कहना है कि रब्बीगुएल में न केवल खेल कौशल है, बल्कि सीखने की तीव्र इच्छा और अनुशासन भी है।
रब्बीगुएल की सफलता के पीछे उनके परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके माता-पिता ने प्रारंभिक दिनों में अपने बेटे के प्रशिक्षण और टूर्नामेंट में भागीदारी के लिए हर संभव सहयोग किया। उन्होंने बताया कि रब्बीगुएल दिनभर स्कूल और पढ़ाई के साथ-साथ प्रशिक्षण में भी पूरी मेहनत लगाता था। पिता ने कहा, “हमारी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। रब्बीगुएल ने गांव का और परिवार का नाम गर्व से ऊँचा किया है। उसकी मेहनत और समर्पण ने यह मुकाम हासिल कराया।”
रब्बीगुएल की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन गई है। गांव के अन्य बच्चे भी अब खेलों में खुद को आजमाने और उच्च स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। स्थानीय खेल अधिकारी और पंचायत ने रब्बीगुएल की इस उपलब्धि की सराहना की है और कहा कि ऐसे युवा टैलेंट्स को प्रोत्साहित करने के लिए खेल सुविधाओं और प्रशिक्षण केंद्रों को विकसित करना आवश्यक है।
पंजाब बैडमिंटन संघ ने भी रब्बीगुएल की उपलब्धि की सार्वजनिक तौर पर प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि रब्बीगुएल जैसी प्रतिभाएँ भविष्य में राज्य और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोशन कर सकती हैं। संघ ने बताया कि आगामी राष्ट्रीय और अंतरराज्यीय प्रतियोगिताओं में रब्बीगुएल की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि उसे और अनुभव और मौका मिल सके।
रब्बीगुएल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “शुरुआत में बहुत कठिनाई हुई। छोटे गांव में बहुत सीमित संसाधन थे, लेकिन मेरी मेहनत और कोच का मार्गदर्शन हमेशा मेरे साथ रहा। मैं भविष्य में और मेहनत करके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूँ।”
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ी अक्सर संसाधनों की कमी के कारण प्रतिभा दिखाने का अवसर नहीं पाते। लेकिन रब्बीगुएल ने यह साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से कोई भी खिलाड़ी ऊँचाई तक पहुंच सकता है।
रब्बीगुएल की यह सफलता न केवल खेल के क्षेत्र में बल्कि शिक्षा और सामाजिक दृष्टि से भी प्रेरक है। यह संदेश देती है कि अगर बच्चों को सही वातावरण और समर्थन मिले, तो वे सीमित संसाधनों के बावजूद भी उत्कृष्टता हासिल कर सकते हैं।
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