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लुधियाना पुलिस में तैनात एक महिला अधिकारी को पुलिसिंग में बेहतरीन काम और उच्च पेशेवर मानकों के लिए 'केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक' (Union Home Minister’s medal) से सम्मानित किया गया है। प्रज्ञा जैन, जो सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG - काउंटर इंटेलिजेंस और एंटी-नारकोटिक टास्क फोर्स) के पद पर तैनात हैं, देश भर के उन 490 लोगों में शामिल हैं जिन्हें यह पुरस्कार मिला है। वह पंजाब पुलिस की पहली महिला अधिकारी हैं जिन्हें यह सम्मान मिला है। उन्हें यह पुरस्कार ड्रग नेटवर्क, संगठित अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ किए गए उनके प्रयासों के लिए दिया गया है। 'केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक' 2026 के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और केंद्रीय पुलिस संगठनों (CPOs) के कर्मियों को दिया गया है। इस सूची में पंजाब के 37 अधिकारी शामिल हैं।
'केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक' की शुरुआत गृह मंत्रालय द्वारा 2024 में की गई थी। इसका उद्देश्य ऑपरेशनों में उत्कृष्टता, जांच में बेहतरीन काम, असाधारण प्रदर्शन, साहसिक खुफिया सेवा और फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में सराहनीय योगदान को मान्यता देना है। यह पुरस्कार हर साल 31 अक्टूबर को, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर घोषित किया जाता है। AIG जैन ने अंतर-राज्यीय फार्मास्युटिकल ड्रग सिंडिकेट को तोड़ने, अवैध हथियारों को बरामद करने और पाकिस्तान से जुड़े नशीले पदार्थों के नेटवर्क का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई। 2017 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी प्रज्ञा जैन का करियर खुफिया जानकारी पर आधारित जांच और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए जाना जाता है।
"इतने प्रतिष्ठित पुरस्कार से मुझे और मेरी टीम को और अधिक नशा-विरोधी और आतंकवाद-विरोधी अभियान चलाने तथा पंजाब को सुरक्षित बनाने की प्रेरणा मिलेगी। मैं इस पुरस्कार का श्रेय पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) गौरव यादव, अतिरिक्त DGP (काउंटर इंटेलिजेंस) अमित प्रसाद, IG (काउंटर इंटेलिजेंस) आशीष चौधरी और अपनी पूरी टीम को देती हूँ। इन्हीं लोगों ने मुझे अपने कर्तव्यों का पालन करने की ताकत दी है।" जैन ने बताया कि बरनाला में असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) के तौर पर अपनी पहली पोस्टिंग से लेकर खन्ना, जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, फाजिल्का और फरीदकोट में अपनी तैनाती तक, उनके करियर में कई अहम प्रवर्तन अभियान (enforcement operations) शामिल रहे हैं। उन्होंने अपने कुछ प्रमुख अभियानों का जिक्र करते हुए कहा, "बरनाला में ASP के तौर पर अपनी पहली पोस्टिंग के दौरान, मैंने और मेरी टीम ने बड़ी बरामदगी की थी। इसमें दवाओं से जुड़े एक बड़े मामले में लगभग 2.88 करोड़ ऐसी गोलियां और कैप्सूल जब्त किए गए थे, जिनकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपये थी। इसके बाद, लुधियाना में मेरी तैनाती के दौरान 60 लाख से ज्यादा नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए। खन्ना में हमने लगभग 200 अवैध हथियार जब्त किए।"
फरीदकोट में सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) के पद पर रहते हुए, सितंबर 2025 में उनकी टीम ने 12.1 किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी। इसे उस जिले में एक ही दिन में की गई अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी माना गया। उत्तर प्रदेश के बड़ौत की रहने वालीं जैन ने होम्योपैथिक मेडिसिन और सर्जरी में स्नातक (बैचलर) की डिग्री पूरी की है। 2016 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास करने से पहले, वह दिल्ली में सात साल तक एक क्लिनिक चलाती थीं।
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