पंजाब

Ludhiana: डेंगू रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय

Ratna Netam
19 April 2026 1:07 PM IST
Ludhiana: डेंगू रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय
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Ludhiana.लुधियाना: सिविल अस्पताल में डेंगू के संभावित बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने 40 बेड का विशेष डेंगू वार्ड तैयार कर लिया है। इस वार्ड को पूरी तरह से डेंगू मरीजों के उपचार के लिए आरक्षित किया गया है, ताकि मौसमी संक्रमण के दौरान मरीजों को तुरंत और बेहतर इलाज मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, हर साल बारिश के मौसम और उसके बाद डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। अस्पताल प्रशासन ने वार्ड को आवश्यक मेडिकल उपकरण, बेड, दवाइयों और प्रशिक्षित स्टाफ के साथ पूरी तरह सुसज्जित किया है।
अधिकारियों का कहना है कि 40 बेड का यह अलग वार्ड आपात स्थिति में मरीजों के दबाव को कम करने में मदद करेगा। इससे सामान्य वार्डों पर भार नहीं पड़ेगा और डेंगू मरीजों को अलग और बेहतर देखभाल मिल सकेगी।
डेंगू वार्ड में मरीजों की निगरानी के लिए विशेष मेडिकल टीम तैनात की गई है। इसमें डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को शामिल किया गया है, जो 24 घंटे सेवाएं प्रदान करेंगे। इसके अलावा मरीजों के लिए ब्लड टेस्ट, प्लेटलेट काउंट और अन्य जरूरी जांच सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और पानी को जमा न होने दें, क्योंकि डेंगू फैलाने वाले मच्छर साफ पानी में ही पनपते हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे घरों में कूलर, टंकी और अन्य जगहों पर पानी को नियमित रूप से बदलते रहें।
सिविल अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में दवाइयों और मेडिकल सप्लाई की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त स्टाफ भी तैयार रखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू जैसी बीमारियों में समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है, क्योंकि देर होने पर मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए अलग वार्ड की व्यवस्था मरीजों के इलाज में तेजी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
फिलहाल, अस्पताल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर बेड की संख्या और बढ़ाने की योजना भी तैयार रखी गई है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि डेंगू के मामलों को नियंत्रित किया जाए और किसी भी मरीज को इलाज में कोई परेशानी न हो।
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