पंजाब

Ludhiana: भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में राज्य प्रतिनिधित्व पर विवाद

Ratna Netam
19 April 2026 2:14 PM IST
Ludhiana: भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में राज्य प्रतिनिधित्व पर विवाद
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Ludhiana.लुधियाना: भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में राज्य का प्रतिनिधित्व खत्म किए जाने के निर्णय को लेकर राजनीतिक और किसान संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है। इस मुद्दे पर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया है और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की है।
किसान संगठनों का कहना है कि बीबीएमबी जैसे महत्वपूर्ण जल प्रबंधन संस्थान में राज्य की भागीदारी खत्म करना उनके अधिकारों के खिलाफ है। उनका आरोप है कि इससे जल संसाधनों के वितरण और प्रबंधन में असंतुलन पैदा हो सकता है।
एसकेएम नेताओं ने कहा कि यह निर्णय किसानों के हितों को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि सिंचाई और कृषि के लिए पानी का उचित वितरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मांग की है कि इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए और सभी संबंधित राज्यों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड भारत के प्रमुख जल संसाधन प्रबंधन संस्थानों में से एक है, जो कई राज्यों की सिंचाई और बिजली आवश्यकताओं को पूरा करता है। ऐसे में इसमें किसी भी राज्य की भागीदारी को खत्म करना एक संवेदनशील मुद्दा माना जा रहा है।
किसान नेताओं का कहना है कि जल संसाधन केवल प्रशासनिक मुद्दा नहीं बल्कि किसानों की जीवनरेखा है, और इसमें किसी भी तरह का एकतरफा निर्णय स्वीकार नहीं किया जा सकता।
संयुक्त किसान मोर्चा ने घोषणा की है कि वे जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगे और इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग करेंगे।
राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि जल प्रबंधन जैसे विषयों में सभी हितधारकों की भागीदारी जरूरी होती है ताकि संतुलित निर्णय लिए जा सकें।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
फिलहाल, यह मामला राज्य में जल प्रबंधन और संघीय ढांचे से जुड़े अधिकारों पर एक नई बहस को जन्म दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
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