पंजाब
Ludhiana: सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती पर विवाद बढ़ा
Ratna Netam
9 April 2026 3:05 PM IST

x
Ludhiana.लुधियाना: लुधियाना में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर विवाद तेजी से बढ़ रहा है। शिक्षक संघों और कर्मचारियों का कहना है कि तैनाती के फैसले में पारदर्शिता नहीं रखी गई है और इससे स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। कई अनुभवी शिक्षकों को महत्वपूर्ण कक्षाओं से हटाकर कम प्राथमिकता वाले क्षेत्रों या गैर‑शैक्षणिक कार्यों पर तैनात किया गया है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
शिक्षक संघों ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। पंजाब सरकारी स्कूल शिक्षक संघ के राज्य अध्यक्ष सुरिंदर कुमार पूरी ने बताया कि तैनाती के निर्णय में स्थानीय जरूरतों और शिक्षक क्षमता का ध्यान नहीं रखा गया है। उनका कहना है कि कई अनुभवी शिक्षक बोर्ड कक्षाओं (VIII, X और XII) में पढ़ाने के बजाय छोटे स्कूलों या प्रशासनिक कार्यों में लगाए गए हैं। इस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शिक्षकों को उनके मूल दायित्वों को निभाने का अवसर नहीं मिल रहा है।
संघ ने यह भी बताया कि सरकारी स्कूलों में पहले से ही शिक्षकों की कमी है। अनियोजित तैनाती के कारण कक्षाओं में पढ़ाई की प्रक्रिया बाधित हो रही है। शिक्षक नेताओं ने मांग की है कि तैनाती के फैसले में पारदर्शिता लाई जाए और प्रत्येक शिक्षक को उनकी योग्यताओं और अनुभव के अनुसार सही स्थान पर तैनात किया जाए।
शिक्षक संघ ने यह भी चेतावनी दी है कि शिक्षकों को गैर‑शैक्षणिक कार्यों में लगाने से छात्रों की पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कई शिक्षक वर्तमान में चुनाव प्रक्रिया, जनगणना, स्वास्थ्य कार्ड बनाने और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगे हुए हैं। शिक्षकों का कहना है कि इस कारण उन्हें कक्षा में पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है और छात्रों के अकादमिक परिणाम प्रभावित हो रहे हैं।
शिक्षक संघ ने सरकार से तुरंत कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि गैर‑शैक्षणिक कार्यों को अलग कर्मचारियों को सौंपा जाए और शिक्षकों को उनकी मूल भूमिका — पढ़ाने — पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर दिया जाए। संघ ने यह भी सुझाव दिया है कि तैनाती के नए नियमों में शिक्षक अनुभव, शिक्षा क्षमता और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखा जाए।
इस विवाद ने छात्रों और अभिभावकों के बीच भी चिंता पैदा कर दी है। अभिभावक डर व्यक्त कर रहे हैं कि यदि शिक्षकों को उचित कक्षाओं में नहीं रखा गया तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और बोर्ड परीक्षा में परिणाम भी कम हो सकते हैं। कई अभिभावक स्कूल प्रशासन से पारदर्शिता और उचित शिक्षक तैनाती की मांग कर रहे हैं।
लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों में शिक्षक संघों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो बड़े पैमाने पर आंदोलन और विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की सही तैनाती और पारदर्शी प्रक्रिया अनिवार्य है।
इस विवाद ने शिक्षा प्रशासन की नीतियों और तैनाती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्पष्ट है कि लुधियाना में शिक्षक और अभिभावक दोनों ही शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सजग हैं।
TagsLudhianaसरकारी स्कूलोंशिक्षकों की तैनातीविवाद बढ़ाgovernment schoolsdeployment of teacherscontroversy increasesजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





