पंजाब

Ludhiana: पराली जलाने के खिलाफ अभियान को मिला समर्थन

Payal
19 April 2026 1:09 PM IST
Ludhiana: पराली जलाने के खिलाफ अभियान को मिला समर्थन
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Ludhiana.लुधियाना: पंजाब में पराली जलाने की समस्या को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान को स्थानीय लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है, जिसे किसानों और आम जनता दोनों का सकारात्मक सहयोग मिल रहा है।
हर साल फसल कटाई के बाद पराली जलाने से वायु प्रदूषण में भारी वृद्धि होती है, जिससे न केवल पर्यावरण प्रभावित
होता है बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए प्रशासन ने इस वर्ष पहले से ही जागरूकता अभियान शुरू कर दिया था।
अभियान के तहत किसानों को पराली जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसमें पराली को खाद के रूप में उपयोग करना, मशीनों की मदद से उसका प्रबंधन करना और अन्य तकनीकी समाधान शामिल हैं। सरकार की ओर से किसानों को आवश्यक मशीनें और सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा है कि यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बनाने में मदद करेगा। कई किसानों ने भी स्वीकार किया है कि पराली जलाने से जमीन की उर्वरता पर नकारात्मक असर पड़ता है, इसलिए वे अब वैकल्पिक तरीकों को अपनाने के लिए तैयार हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य सख्ती से ज्यादा जागरूकता बढ़ाना है। हालांकि, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है, लेकिन प्राथमिकता लोगों को समझाने और उन्हें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस अभियान को लगातार समर्थन मिलता रहा, तो आने वाले वर्षों में पराली जलाने की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इससे न केवल प्रदूषण में कमी आएगी बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
पंजाब में कई सामाजिक संगठनों और पंचायतों ने भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी है। गांव-गांव में बैठकें और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें किसानों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में बताया जा रहा है।
फिलहाल, प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयासों से स्थिति में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। यदि यह सहयोग इसी तरह जारी रहा, तो राज्य को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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