पंजाब

Amritsar में लंगर ने दर्शाया सिख धर्म की सेवा भावना

Ratna Netam
11 April 2026 12:58 PM IST
Amritsar में लंगर ने दर्शाया सिख धर्म की सेवा भावना
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Punjab.पंजाब: अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में खालसा सजना दिवस और बैसाखी के मौके पर विशेष लंगर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे में आकर दर्शन किए और लंगर का आनंद लिया। लंगर का आयोजन सिख धर्म की सेवा और समानता की भावना को दर्शाने वाला रहा।
इस अवसर पर स्वर्ण मंदिर की प्रबंध समिति ने विशेष तैयारी की थी। लंगर में सभी धर्मों और उम्र के लोगों के लिए पर्याप्त भोजन की व्यवस्था की गई थी। लंगर में न केवल साधारण प्रसाद बल्कि पौष्टिक और विविध प्रकार के
व्यंजन श्रद्धालुओं
को परोसे गए। वरिष्ठ अधिकारी और सिख धर्म के सेवक लंगर के संचालन में जुटे रहे।
बैसाखी और खालसा सजना दिवस का आयोजन सिख धर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दिन गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना के अवसर के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर लंगर न केवल श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराता है, बल्कि सेवा, समानता और समुदायिक सहयोग का संदेश भी देता है।
स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने लंगर की प्रशंसा की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा को एक साथ जोड़ते हैं। कई भक्तों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लंगर में बैठकर भोजन करना सिख धर्म की मूल भावना, “सेवा और भाईचारा”, का अनुभव कराता है।
स्वर्ण मंदिर के लंगर हॉल में हर उम्र के लोग शामिल हुए। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी ने सामूहिक रूप से भोजन किया। लंगर का संचालन दक्ष और संगठित तरीके से किया गया, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को बिना किसी अव्यवस्था के भोजन उपलब्ध कराया गया।
सिख धर्म के इतिहास और परंपरा के जानकारों ने बताया कि लंगर का आयोजन हमेशा से सामाजिक समानता और सेवा के प्रतीक के रूप में होता आया है। खालसा सजना दिवस और बैसाखी के अवसर पर विशेष लंगर का आयोजन यह सुनिश्चित करता है कि सभी श्रद्धालु, चाहे वे किसी भी जाति, धर्म या वर्ग के हों, एकसमान रूप से भोजन का अनुभव कर सकें।
इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखा। सड़क मार्गों और परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित किया गया, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो और वे धार्मिक आयोजन में पूरी श्रद्धा से भाग ले सकें।
लंगर के माध्यम से सिख धर्म ने पुनः यह संदेश दिया कि सेवा और मानवता का कार्य किसी विशेष दिन या अवसर तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस प्रकार, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में खालसा सजना दिवस और बैसाखी के मौके पर आयोजित लंगर ने हजारों श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ सेवा, समानता और भाईचारे का संदेश दिया। इस आयोजन ने सिख धर्म की मूल परंपराओं को जीवित रखने और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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