पंजाब

लारेंस बिश्नोई के करीबी करमवीर सिंह को कनाडा से डिपोर्ट कर भारत लाया गया

Kavita2
15 Sept 2026 12:28 PM IST
लारेंस बिश्नोई के करीबी करमवीर सिंह को कनाडा से डिपोर्ट कर भारत लाया गया
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चंडीगढ़। विदेशों में बैठकर पंजाब में आपराधिक नेटवर्क संचालित करने वाले गैंग्स्टरों और उनके सहयोगियों के खिलाफ पंजाब पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी अभियान के तहत लारेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी बताए जा रहे करमवीर सिंह को कनाडा से डिपोर्ट किए जाने के बाद भारत लाया गया। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचते ही पंजाब पुलिस की एंटी-गैंग्स्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने उसे हिरासत में ले लिया।

पुलिस के अनुसार, करमवीर सिंह के खिलाफ पंजाब में आपराधिक मामला दर्ज है और वह लंबे समय से विदेश में रह रहा था। कनाडा में उसकी मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। डिपोर्ट किए जाने के बाद जब वह दिल्ली पहुंचा तो पंजाब पुलिस की टीम ने एयरपोर्ट पर उसे अपनी हिरासत में ले लिया।

अनमोल बिश्नोई को ठिकाना और लॉजिस्टिक मदद देने का आरोप

जांच एजेंसियों के मुताबिक, करमवीर सिंह पर अमेरिका में लारेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को कथित तौर पर ठिकाना उपलब्ध कराने और लॉजिस्टिक मदद पहुंचाने का आरोप है। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि विदेश में मौजूद गैंग्स्टरों को स्थानीय स्तर पर मदद उपलब्ध कराने के लिए कई सहयोगी सक्रिय हो सकते हैं।

करमवीर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके संपर्कों और विदेश में रहने के दौरान उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटा सकती है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि वह किन लोगों के संपर्क में था और कथित आपराधिक नेटवर्क के लिए किस तरह की मदद उपलब्ध कराता था।

मोहाली में दर्ज है मामला

पंजाब पुलिस के अनुसार, करमवीर सिंह के खिलाफ मोहाली के स्टेट क्राइम थाने में मामला दर्ज है। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC), आर्म्स एक्ट और पासपोर्ट एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब उसे पंजाब ले जाकर आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी। पूछताछ के दौरान पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड, विदेश में गतिविधियों और अन्य आरोपियों से उसके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा सकती है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि विदेश में रहने के दौरान उसने पंजाब में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क के साथ किस तरह संपर्क बनाए रखा। जांच एजेंसियों के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि पंजाब में कई आपराधिक गिरोहों के विदेशों में बैठे संचालकों से जुड़े होने की बात सामने आती रही है।

विदेशों में छिपे गैंग्स्टरों पर बढ़ी निगरानी

पंजाब पुलिस ने विदेशों में छिपे वांछित गैंग्स्टरों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस का फोकस ऐसे लोगों तक पहुंचने पर है, जो विदेश में बैठकर भारत में आपराधिक गतिविधियों को कथित तौर पर संचालित या सहयोग कर रहे हैं।

पिछले दिनों यूरोप से भी एक वांछित गैंग्स्टर को भारत लाया गया था। इसके बाद अब कनाडा से करमवीर सिंह का डिपोर्ट होकर भारत पहुंचना पुलिस के लिए एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है।

पुलिस का मानना है कि विदेश में मौजूद अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ उनके स्थानीय सहयोगियों की पहचान करना भी जरूरी है। इसी रणनीति के तहत एजेंसियां विदेशों में बैठे गैंग्स्टरों के संपर्कों और उनके नेटवर्क से जुड़े लोगों पर नजर रख रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियां तोड़ने की कोशिश

पंजाब पुलिस की एंटी-गैंग्स्टर टास्क फोर्स लंबे समय से संगठित अपराध और गैंग्स्टर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। विदेशों में बैठे आरोपियों तक पहुंचने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय भी किया जा रहा है।

करमवीर सिंह की गिरफ्तारी को इसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस अब उसकी पूछताछ के जरिए विदेश में सक्रिय नेटवर्क की उन कड़ियों का पता लगाने की कोशिश करेगी, जिनका संबंध पंजाब में आपराधिक गतिविधियों से हो सकता है।

जांच का एक अहम पहलू यह भी रहेगा कि करमवीर सिंह ने कथित तौर पर किस तरह अनमोल बिश्नोई और अन्य लोगों को सहायता उपलब्ध कराई। यदि पूछताछ में नए नाम और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आती हैं तो पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है।

एयरपोर्ट पर हिरासत के बाद पंजाब पुलिस के हवाले

कनाडा से डिपोर्ट होने के बाद करमवीर सिंह के दिल्ली पहुंचने की जानकारी पंजाब पुलिस को पहले से थी। इसी के चलते AGTF की टीम आईजीआई एयरपोर्ट पर मौजूद थी। उसके एयरपोर्ट पर पहुंचते ही टीम ने उसे हिरासत में लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

अब पंजाब पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच करेगी। करमवीर से पूछताछ के बाद उसके कथित नेटवर्क और अन्य सहयोगियों को लेकर भी सुराग मिलने की उम्मीद है।

विदेशों में बैठे गैंग्स्टरों के खिलाफ पंजाब पुलिस की लगातार कार्रवाई से साफ है कि जांच एजेंसियां अब आपराधिक नेटवर्क को केवल पंजाब तक सीमित मानकर नहीं चल रही हैं। विदेशों में मौजूद सहयोगियों, फाइनेंसिंग, लॉजिस्टिक सपोर्ट और स्थानीय संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। करमवीर सिंह की गिरफ्तारी के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और पूछताछ में क्या अहम जानकारी सामने आती है, इस पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजर रहेगी।

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