पंजाब

Kapurthala: सावल गांव में अंडर-17 क्रिकेट टूर्नामेंट का उत्साह

Ratna Netam
9 May 2026 1:16 PM IST
Kapurthala: सावल गांव में अंडर-17 क्रिकेट टूर्नामेंट का उत्साह
x
Jalandhar.जालंधर: पंजाब के सावल गांव ने हाल ही में आयोजित अंडर-17 क्रिकेट टूर्नामेंट के चलते क्रिकेट के नक्शे पर अपनी पहचान बना ली है। गांव के युवा खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में अपनी शानदार खेल क्षमता दिखाई, जिससे स्थानीय और राज्य स्तर पर उनकी चर्चा बढ़ गई। -इस टूर्नामेंट का आयोजन कपूरथला जिले के खेल विकास प्राधिकरण और स्थानीय क्रिकेट क्लबों के सहयोग से किया गया। टूर्नामेंट में जिले भर के अंडर-17 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिसमें सावल गांव की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कई मुकाबलों में जीत हासिल की। यह जीत गांव में क्रिकेट के प्रति उत्साह और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने वाला कदम मानी जा रही है।
गांववासियों ने बताया कि इस टूर्नामेंट ने स्थानीय युवाओं में आत्मविश्वास और खेल के प्रति लगन को बढ़ाया है। टूर्नामेंट में सावल गांव के खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण के सभी क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखाई। कई युवा खिलाड़ी इस प्रदर्शन के बाद अब राज्य और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरों में आने लगे हैं। स्थानीय कोच और खेल विशेषज्ञों का कहना है कि सावल गांव के युवा खिलाड़ियों में क्रिकेट के प्रति समर्पण और प्रशिक्षण की गुणवत्ता बहुत अच्छी है। उन्होंने कहा कि अगर इन्हें उचित संसाधन और कोचिंग मिले, तो यह गांव भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना सकता है।
टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को मैदान पर खेलने के साथ-साथ टीम वर्क, अनुशासन और खेल भावना का भी अनुभव मिला। आयोजकों ने कहा कि ऐसे टूर्नामेंट ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में खेल प्रतिभा को उजागर करने का बेहतरीन माध्यम हैं। गांववासियों ने भी आयोजन का स्वागत किया और कहा कि यह टूर्नामेंट न केवल युवाओं को प्रेरित करेगा बल्कि गांव के लिए नई पहचान और गर्व का कारण भी बनेगा। उन्होंने प्रशासन और खेल संगठनों से अनुरोध किया कि भविष्य में ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से कराया जाए और खेल के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। कपूरथला अंडर-17 टूर्नामेंट ने साबित कर दिया कि छोटे गांव भी राष्ट्रीय स्तर के खेल में अपनी छाप छोड़ सकते हैं। सावल गांव के युवाओं की मेहनत और समर्पण ने यह दिखाया कि प्रतिभा और उत्साह के आगे संसाधनों की कमी बाधा नहीं बन सकती।
Next Story