पंजाब

मोहाली में 6 साल बाद मिला इंसाफ, रोड रेज हत्या मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद

Saba Naaz
29 July 2026 7:46 PM IST
मोहाली में 6 साल बाद मिला इंसाफ, रोड रेज हत्या मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद
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मोहाली। पंजाब के मोहाली जिले में साल 2019 में हुए चर्चित रोड रेज हत्या मामले में आखिरकार छह साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मोहाली की अदालत ने 43 वर्षीय कुलदीप सिंह उर्फ रोमी की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को लंबे इंतजार के बाद न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

मामले की सुनवाई एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज की अदालत में हुई। अदालत ने गुरविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह और परविंदर सिंह को हत्या समेत अन्य आरोपों में दोषी पाया। तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके अलावा रास्ता रोकने, मारपीट करने और धमकी देने के मामलों में भी अलग-अलग सजा सुनाई गई है। हालांकि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

यह मामला 30 जून 2019 का है, जब जीरकपुर क्षेत्र के पास रोड रेज की घटना ने हिंसक रूप ले लिया था। जानकारी के अनुसार, पवन अपने दोस्तों कुलदीप सिंह उर्फ रोमी और निपुण जैन के साथ स्कोडा कार से पंचकूला से जीरकपुर की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान गाजीपुर-सैनिया इलाके के पास एक फोर्ड फिगो कार में सवार लोगों ने उनकी कार के साथ चलते हुए अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज शुरू कर दी।

मामूली कहासुनी के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने उनकी कार का रास्ता रोक लिया। कुछ ही देर में अन्य वाहनों में सवार लोग भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि हमलावरों ने कुलदीप सिंह को जबरन कार से बाहर खींच लिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे उनके दोस्तों पवन और निपुण जैन के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की।

हमले में कुलदीप सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए जीरकपुर स्थित एम-केयर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

कुलदीप सिंह की मौत के बाद उनके साथी पवन की शिकायत पर जीरकपुर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या, मारपीट, रास्ता रोकने, धमकी देने और साझा आपराधिक मंशा समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के दौरान सबूत जुटाए और आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाहों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित होते हैं। इसके आधार पर तीनों को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी कर रहे डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी हरदीप सिंह रोमाणा ने बताया कि अदालत का फैसला सबूतों और गवाहों के आधार पर आया है। उन्होंने कहा कि दोषियों को हत्या के अलावा अन्य धाराओं में भी सजा दी गई है।

छह साल पुराने इस मामले में आए फैसले से मृतक कुलदीप सिंह के परिवार को बड़ी राहत मिली है। वहीं, यह मामला एक बार फिर यह संदेश देता है कि सड़क पर छोटी सी कहासुनी भी हिंसक रूप ले सकती है और इसका परिणाम बेहद गंभीर हो सकता है। पुलिस और प्रशासन लगातार लोगों से अपील करते रहे हैं कि सड़क पर धैर्य और संयम बनाए रखें, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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