पंजाब

Jalandhar: ग्राम पंचायतों को दिया गया कचरा मुक्त गांव बनाने का प्रशिक्षण

Ratna Netam
6 May 2026 4:35 PM IST
Jalandhar: ग्राम पंचायतों को दिया गया कचरा मुक्त गांव बनाने का प्रशिक्षण
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Jalandhar.जालंधर: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने पंचायतों के सदस्यों को विशेष ट्रेनिंग दी। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य गांवों को कचरा मुक्त और स्वस्थ बनाने के लिए पंचायतों को सक्षम बनाना बताया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पंचायत सदस्यों को कचरा प्रबंधन, रिसाइक्लिंग, गंदगी रोकथाम, और सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रशिक्षण पंचायतों को अपने गांवों में स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और प्रभावी कार्य योजना तैयार करने में मदद करेगा।
कार्यक्रम में पंचायत सदस्यों ने अपनी जिम्मेदारियों और भूमिकाओं पर चर्चा की। उन्हें बताया गया कि कचरा मुक्त गांव के लिए केवल कचरे का संग्रह करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके सही निस्तारण, रिसाइक्लिंग और पर्यावरण के अनुकूल उपाय अपनाना भी जरूरी है।
जिला अधिकारी ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक गांव को कचरा मुक्त और स्वच्छ बनाया जाए। इसके लिए पंचायतों की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व जरूरी है। प्रशिक्षण के माध्यम से हम उन्हें आधुनिक और प्रभावी कचरा प्रबंधन तकनीक से परिचित करा रहे हैं।”
प्रशिक्षण में स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। पंचायत सदस्यों को बताया गया कि उन्हें गांव के लोगों को जागरूक करना होगा और उन्हें स्वच्छता के महत्व के बारे में समझाना होगा। इसके लिए सूचना सामग्री, वर्कशॉप और सामुदायिक बैठकें आयोजित करने के तरीके भी सिखाए गए।
विशेषज्ञों का कहना है कि पंचायतों के प्रशिक्षण से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को गति मिलेगी। जब पंचायत सदस्य अपने गांवों में प्रभावी योजना और निगरानी करेंगे, तो कचरा मुक्त गांव का लक्ष्य अधिक आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा।
स्थानीय पंचायत सदस्यों ने प्रशिक्षण का स्वागत किया और कहा कि उन्हें अब यह समझ आया कि कचरा प्रबंधन केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने प्रशासन से सहयोग का आश्वासन मांगा ताकि गांवों को पूरी तरह से कचरा मुक्त बनाया जा सके।
प्रशासन ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएंगे और पंचायतों की प्रगति का मूल्यांकन भी किया जाएगा। इसके अलावा, पंचायतों को आधुनिक उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे अपने गांवों में स्वच्छता सुनिश्चित कर सकें।
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