पंजाब

Jalandhar: स्कूलों को धमकी भरे ईमेल, पुलिस जांच में जुटी

Ratna Netam
6 April 2026 2:51 PM IST
Jalandhar: स्कूलों को धमकी भरे ईमेल, पुलिस जांच में जुटी
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Punjab.पंजाब: Jalandhar में तीन स्कूलों को धमकियों वाले ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया है। प्राप्त ईमेल में अज्ञात व्यक्ति या समूह द्वारा स्कूलों और उनके छात्रों को खतरा पहुंचाने की चेतावनी दी गई थी। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, ईमेल धमकियों की शुरुआत सोमवार को हुई। तीनों स्कूलों के प्रिंसिपल ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने ईमेल के तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है और ट्रेस करने का प्रयास कर रही है कि ये ईमेल कहां से भेजे गए थे। स्कूल प्रशासन ने छात्रों और शिक्षकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए और सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी। स्कूलों में बाहर से आने-जाने वाले लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बच्चों के माता-पिता को भी स्थिति की जानकारी दी गई और उन्हें सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने कहा कि फिलहाल कोई वास्तविक खतरा सामने नहीं आया है, लेकिन किसी भी स्थिति के लिए सुरक्षा में कोई कमी नहीं बरती जाएगी। साइबर क्राइम टीम को ईमेल के स्रोत और IP एड्रेस की जांच के लिए लगाया गया है। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों को धमकी देने वाले ईमेल अक्सर छात्रों और स्कूल स्टाफ को मानसिक रूप से डराने के लिए भेजे जाते हैं। ऐसे मामलों में समय पर पुलिस को सूचित करना और सुरक्षा उपाय लागू करना बेहद जरूरी होता है। स्थानीय समुदाय ने भी इस कदम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और प्रशासन द्वारा त्वरित कदम उठाना भरोसेमंद कार्रवाई का संकेत है। इस घटना ने साइबर सुरक्षा के महत्व को भी उजागर किया है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि स्कूलों को नियमित रूप से साइबर सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए, ताकि ऐसी धमकियों का सामना सुरक्षित तरीके से किया जा सके। कुल मिलाकर, जालंधर के तीन स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिलने के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों और स्कूल प्रशासन की तत्परता को परीक्षण में डाल दिया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और सभी संभावना पर ध्यान दे रही है, ताकि छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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