पंजाब

Jalandhar: आवक में स्थिरता से किसानों में संतोष और आर्थिक सुरक्षा

Ratna Netam
21 April 2026 5:27 PM IST
Jalandhar: आवक में स्थिरता से किसानों में संतोष और आर्थिक सुरक्षा
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Jalandhar.जालंधर: जिले में गेहूं की सरकारी खरीद का क्रम लगातार जारी है। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक गेहूं की आवक लगभग 1.8 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्षों के समान स्तर पर स्थिर मानी जा रही है। यह स्थिति किसानों और विभाग दोनों के लिए संतोषजनक है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी सरकारी खरीद केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को तौल और भुगतान में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है और सभी केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ और उपकरण तैनात हैं।
किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी खरीद के कारण उन्हें अच्छा मूल्य और समय पर भुगतान मिल रहा है। कई किसानों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में अनिश्चित बाजार और दलालों के दबाव के कारण उन्हें काफी नुकसान हुआ था, लेकिन इस बार की आवक और प्रक्रिया ने उनकी चिंता कम कर दी है।
कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि गेहूं की आवक में स्थिरता जिले की कृषि उत्पादन क्षमता और किसानों के आर्थिक हितों को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि गुणवत्ता वाले गेहूं की खरीद पर जोर दिया जा रहा है, ताकि फसल का सही मूल्य सुनिश्चित किया जा सके और भविष्य में किसानों को बेहतर विकल्प मिले।
अधिकारियों ने बताया कि विभाग ने खरीदी प्रक्रिया के दौरान फसल की गुणवत्ता और तौल प्रणाली पर विशेष ध्यान रखा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे उत्तम गुणवत्ता वाला गेहूं ही केंद्रों पर जमा करें, ताकि उन्हें MSP के अनुसार अधिक लाभ मिल सके।
कृषि विभाग ने आगे कहा कि जिला प्रशासन और खरीद केंद्रों का सहयोग किसानों की सुविधा, उचित मूल्य और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि आवक की स्थिति पर निगरानी नियमित रूप से जारी रहेगी और किसी भी समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय व्यापारी और नागरिक भी इस प्रक्रिया से संतुष्ट दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि सरकारी खरीद से किसानों की आर्थिक सुरक्षा और स्थानीय कृषि बाजार स्थिर रहता है।
कुल मिलाकर, जालंधर जिले में गेहूं की सरकारी खरीद में स्थिरता और 1.8 लाख मीट्रिक टन तक की आवक किसानों के आर्थिक हित, कृषि विभाग की प्रभावी योजना और जिले के कृषि उत्पादन के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह सुनिश्चित करता है कि खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और किसानों के हित में बनी रहे।
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