पंजाब

Jalandhar school में वर्ल्ड बुक डे पर 'पेज टू स्टेज' कार्यक्रम आयोजित

Payal
24 April 2026 3:47 PM IST
Jalandhar school में वर्ल्ड बुक डे पर पेज टू स्टेज कार्यक्रम आयोजित
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Jalandhar.जालंधर: शहर के एक प्रमुख स्कूल में वर्ल्ड बुक डे के अवसर पर ‘पेज टू स्टेज’ नामक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस इवेंट का उद्देश्य छात्रों में पढ़ाई और रचनात्मकता के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें किताबों के महत्व से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी पसंदीदा किताबों के पात्रों और कहानियों को मंच पर जीवंत रूप में पेश किया। शिक्षक और अभिभावक कार्यक्रम में मौजूद रहे और उन्होंने छात्रों के प्रयासों की सराहना की। ‘पेज टू स्टेज’ इवेंट ने यह संदेश दिया कि पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि कल्पना और अभिनय के माध्यम से इसे और भी रोचक बनाया जा सकता है।
स्कूल की प्रधानाचार्य ने इस अवसर पर कहा, “हमारा उद्देश्य छात्रों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करना और उनकी रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना है। इस इवेंट के माध्यम से बच्चों ने अपनी पसंदीदा किताबों के पात्रों को मंच पर उतारकर न केवल अभिनय कौशल दिखाया, बल्कि साहित्यिक ज्ञान को भी साझा किया। यह वर्ल्ड बुक डे का सबसे मनोरंजक और शिक्षाप्रद हिस्सा था।”
कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों ने भाग लिया। छात्रों ने अलग-अलग किताबों से प्रेरित होकर छोटे-छोटे नाटक, डायलॉग और प्रस्तुतियाँ दीं। कुछ छात्रों ने पौराणिक कथाओं को नया रूप देते हुए मंच पर उतारा, तो कुछ ने आधुनिक कहानियों और उपन्यासों के पात्रों को जीवंत किया। इस दौरान छात्र खुद को पात्रों में ढालकर संवाद और भाव-भंगिमा में उत्कृष्टता दिखाई।
इवेंट के दौरान शिक्षकों ने छात्रों को मार्गदर्शन दिया और उन्हें मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। अभिभावकों ने बच्चों की मेहनत और रचनात्मक प्रयासों की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में पढ़ाई और कला दोनों के प्रति रुचि बढ़ाते हैं।
स्कूल के सांस्कृतिक समन्वयक ने बताया कि ‘पेज टू स्टेज’ इवेंट का उद्देश्य बच्चों में साहित्य के प्रति जागरूकता और सामाजिक कौशल को बढ़ावा देना भी था। उन्होंने कहा, “इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को टीमवर्क, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता सिखाते हैं। यह शिक्षा का एक अलग ही दृष्टिकोण है जो किताबों को सिर्फ पढ़ने तक सीमित नहीं रखता।”
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे हमेशा किताबों के माध्यम से ज्ञान और रचनात्मकता के नए आयाम खोजते रहें।
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