पंजाब

Jalandhar: महीनों की बकाया सैलरी पर एडेड स्कूल टीचर्स ने विरोध की चेतावनी दी

Ratna Netam
5 May 2026 3:54 PM IST
Jalandhar: महीनों की बकाया सैलरी पर एडेड स्कूल टीचर्स ने विरोध की चेतावनी दी
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Jalandhar.जालंधर: राज्य के कई एडेड स्कूलों के शिक्षक अपने महीनों से बकाया वेतन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें लगातार महीनों से सैलरी नहीं मिली है, जिससे उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हो रही है। शिक्षक संघों और संघ के नेताओं ने मंगलवार को बताया कि यह स्थिति कई स्कूलों में पिछले कई महीनों से बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी वित्तीय सहायता होने के बावजूद शिक्षा विभाग समय पर
भुगतान सुनिश्चित नहीं
कर पा रहा है। इससे न केवल शिक्षकों का मनोबल गिरा है, बल्कि विद्यार्थियों की शिक्षा पर भी असर पड़ रहा है। एक वरिष्ठ शिक्षक ने कहा, “हमारा वेतन हमारी मेहनत का अधिकार है।
कई शिक्षक अपनी व्यक्तिगत जरूरतें पूरी करने के लिए कर्ज़ पर निर्भर हो गए हैं। अब और इंतजार असंभव है। हम संघर्ष के लिए मजबूर हैं।” शिक्षक संघ ने यह भी बताया कि विरोध प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों की संख्या हजारों में हो सकती है। संघ ने सरकार से अपील की है कि वे तुरंत बकाया वेतन का भुगतान करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भुगतान जल्द नहीं किया गया तो विरोध प्रदर्शन राज्यभर के सभी प्रमुख शहरों और जिला मुख्यालयों में आयोजित किया जाएगा। वेतन में देरी का मुख्य कारण सरकारी प्रक्रिया में देर और वित्तीय विभाग की अनियमितताएं बताई जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, कई स्कूलों के लिए फंड रिलीज़ में तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें आ रही हैं। हालांकि शिक्षक संघ इस तर्क को स्वीकार नहीं कर रहा और उनका कहना है कि शिक्षकों के अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
विरोध प्रदर्शन के तहत शिक्षक पेट्रोलियम पंपों और मुख्य मार्गों पर शांतिपूर्ण धरना देंगे। इसके अलावा शिक्षक संघ ने शिक्षकों की समस्याओं को उजागर करने के लिए मीडिया और सोशल मीडिया अभियान चलाने की भी योजना बनाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि एडेड स्कूलों में वेतन भुगतान में देरी से शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मनोस्थिति और कार्य क्षमता प्रभावित होती है और इसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो सकती है। शिक्षक संघ ने यह भी कहा कि वे सिर्फ़ अपनी सैलरी ही नहीं चाहते, बल्कि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए नियमित वेतन भुगतान और पारदर्शी प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। संघ का कहना है कि सरकार को शिक्षकों की मेहनत और योगदान का उचित सम्मान करना चाहिए।
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