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Jalandhar.जालंधर: भारतीय सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत संरक्षण संस्थान (INTACH) पंजाब इकाई ने हाल ही में ‘विरासत और नागरिक प्रशिक्षण’ पर एक कार्यशाला आयोजित की। इस पहल का उद्देश्य युवाओं और नागरिकों में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाना और उन्हें अपनी विरासत की सुरक्षा और संरक्षण के महत्व को समझाना है।
कार्यशाला में राज्य के विभिन्न हिस्सों से शिक्षक, विद्यार्थी, प्रशासनिक अधिकारी और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुए। INTACH के अधिकारियों ने कहा कि यह कार्यक्रम नागरिकों में जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी बढ़ावा देगा।
कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ताओं ने पुरातात्विक स्थलों, ऐतिहासिक भवनों, स्थानीय परंपराओं और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने यह बताया कि विरासत संरक्षण केवल स्मारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय समुदाय, कला, संगीत और पारंपरिक ज्ञान का भी संरक्षण शामिल है।
INTACH के पंजाब इकाई के अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं को विरासत की समझ और जिम्मेदारी से जोड़ना भविष्य के लिए जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिक प्रशिक्षण के माध्यम से लोग अपने सामाजिक और सांस्कृतिक कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे और समाज में जागरूकता फैला सकेंगे।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को स्थानीय और राष्ट्रीय विरासत स्थलों के उदाहरण दिखाए गए और उन्हें संरक्षण के लिए तकनीकी और व्यावहारिक उपायों के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संसाधनों के सतत उपयोग पर भी जोर दिया गया।
विशेषज्ञों ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को विरासत और नागरिक जिम्मेदारी के महत्व को समझाने की आवश्यकता है। कार्यशालाओं के माध्यम से उन्हें ऐसे उपकरण और जानकारी मिलती है, जो उन्हें समाज में सक्रिय और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करते हैं।
INTACH ने यह भी योजना बनाई है कि भविष्य में नियमित रूप से ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य व्यापक नागरिक सहभागिता बढ़ाना और विभिन्न सांस्कृतिक व ऐतिहासिक पहलुओं को जनता तक पहुँचाना है।
कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि यह उन्हें अपनी संस्कृति और विरासत को समझने और संरक्षित करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस तरह की कार्यशालाएं स्कूलों, कॉलेजों और स्थानीय समुदायों तक भी विस्तारित की जानी चाहिए।
इस प्रकार, INTACH पंजाब द्वारा आयोजित ‘विरासत और नागरिक प्रशिक्षण’ कार्यशाला राज्य में सांस्कृतिक संरक्षण और जागरूक नागरिकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल विरासत संरक्षण के महत्व को उजागर करती है, बल्कि लोगों को समाज में जिम्मेदार और सक्रिय नागरिक बनने की प्रेरणा भी देती है।
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