
पंजाब: पुलिस की ओर से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर शुरू की गई महिला हेल्प डेस्क व्यवस्था को अच्छा प्रतिसाद मिला है। राज्यभर के पुलिस थानों में स्थापित इन हेल्प डेस्कों पर अब तक महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों की 2.31 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस का दावा है कि इन शिकायतों का संवेदनशील तरीके से समाधान किया गया है और इस पहल से थानों में महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल तैयार हुआ है।
पंजाब पुलिस के अनुसार, राज्य के 424 पुलिस थानों में महिला हेल्प डेस्क संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 39 विशेष उद्देश्य वाले थाने भी शामिल हैं। इन हेल्प डेस्कों का उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुनना और उनका उचित समाधान करना है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि जेंडर सेंसिटिव पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए सभी 424 थानों में 848 पंजाब पुलिस महिला मित्रों की तैनाती की गई है। प्रत्येक थाने में महिला शिकायतकर्ताओं की सहायता के लिए महिला पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है, ताकि पीड़ित महिलाएं बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं पुलिस तक पहुंचा सकें।
डीजीपी ने कहा कि महिला हेल्प डेस्क का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करना है। इन डेस्कों के माध्यम से शिकायतकर्ताओं को कानूनी प्रक्रिया, पुलिस कार्रवाई और अन्य सहायता के बारे में जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है।
पंजाब पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, महिला हेल्प डेस्क पर प्राप्त कुल शिकायतों में से बड़ी संख्या में मामलों का समाधान किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि करीब 74.8 प्रतिशत शिकायतों का संवेदनशील तरीके से निस्तारण किया गया है। इसके अलावा लंबित मामलों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है।
महिला हेल्प डेस्क की शुरुआत का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि पीड़ितों को विश्वास दिलाना भी है कि पुलिस उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रही है। कई बार महिलाएं सामाजिक कारणों या संकोच के चलते अपनी शिकायत दर्ज कराने में हिचकिचाती हैं। ऐसे में महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से उन्हें सहायता मिल रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला मित्रों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे शिकायतकर्ताओं के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर सकें। उन्हें महिलाओं और बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामलों को संभालने के लिए आवश्यक जानकारी और कौशल प्रदान किया गया है।
महिला हेल्प डेस्क के माध्यम से घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, छेड़छाड़, साइबर अपराध और बच्चों से जुड़े अपराधों जैसी शिकायतों पर ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस का लक्ष्य है कि हर पीड़ित को समय पर सहायता मिले और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
पंजाब पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी महिला सुरक्षा को लेकर नई पहल जारी रखी जाएंगी। हेल्प डेस्क व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
महिला हेल्प डेस्क की यह पहल राज्य में महिला सुरक्षा और संवेदनशील पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। लाखों शिकायतों के समाधान से यह संकेत मिलता है कि महिलाएं अब अपनी समस्याओं को सामने लाने के लिए पुलिस व्यवस्था पर अधिक भरोसा कर रही हैं।





