पंजाब

Zirakpur में बच्चों पर अमानवीय अत्याचार, आयोग ने दिया नोटिस

SHIDDHANT
26 Oct 2025 9:04 PM IST
Zirakpur में बच्चों पर अमानवीय अत्याचार, आयोग ने दिया नोटिस
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Punjab पंजाब: Zirakpur के एक शर्मनाक मामले ने पूरे राज्य और सोशल मीडिया पर हड़कंप मचा दिया है। पंजाब राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष Kanwardeep Singh ने बताया कि इस घटना में बच्चों को न केवल पीटा गया बल्कि उन्हें निर्वस्त्र किया गया और मिर्च पाउडर फेंककर प्रताड़ित किया गया। बच्चों की पानी के लिए मिन्नतें करने के बावजूद कोई मदद नहीं की गई और पास खड़े लोगों ने वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। इस वायरल वीडियो के चलते आयोग ने तुरंत संज्ञान लिया और Mohali के SSP को सख्त नोटिस जारी किया। घटना की जांच के लिए संबंधित अधिकारी से रिपोर्ट जल्दी देने को कहा गया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि वीडियो को सोशल मीडिया से हटाना अनिवार्य है, अन्यथा उसे साझा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। प्रभावित बच्चों को मानसिक और भावनात्मक सहायता प्रदान करने के लिए जिला बाल संरक्षण अधिकारी (District Child Protection Officer) के माध्यम से कदम उठाए जा रहे हैं। Kanwardeep Singh ने कहा, “यह घटना न केवल बच्चों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए शर्मनाक है। ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि आयोग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहा है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना में शामिल सभी लोग कौन थे और उन्होंने यह अमानवीय कृत्य क्यों किया। बच्चों और उनके परिवारों को सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन देने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के कारण प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इसे साझा न करें। Kanwardeep Singh ने कहा कि वीडियो के प्रसारण से बच्चों पर और मानसिक प्रताड़ना बढ़ सकती है, और यह कानून के तहत अपराध भी है।

यह घटना Zirakpur और आसपास के क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने का एक संदेश भी देती है। समाज से यह अपील की जा रही है कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों का सम्मान किया जाए और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दी जाए। पुलिस, बाल संरक्षण अधिकारी और आयोग मिलकर इस मामले की पूरी तहकीकात कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इस मामले ने पंजाब में बच्चों की सुरक्षा और समाज में बच्चों के प्रति जिम्मेदारी के महत्व को उजागर किया है।
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