पंजाब

Badal village में किसानों ने श्मशान घाट को अनाज गोदाम में बदला

Ratna Netam
23 April 2026 1:15 PM IST
Badal village में किसानों ने श्मशान घाट को अनाज गोदाम में बदला
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Punjab.पंजाब: बादल गांव के किसानों ने मंडियों में जगह न होने और सिस्टम की विफलता का विरोध करते हुए श्मशान घाट को अस्थायी अनाज गोदाम में बदल दिया। इस कदम ने स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों के लिए चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
किसानों का आरोप है कि मंडियों में फसल जमा करने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। “मंडी में जगह नहीं है और सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया है। हमने मजबूरी में श्मशान घाट का इस्तेमाल किया,” एक किसान ने कहा। किसानों ने वहां अपनी फसलें जमा कर प्रशासन और राज्य सरकार का ध्यान समस्या की ओर आकर्षित किया।
स्थानीय अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रशासन ने तुरंत किसानों से बातचीत शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त स्टोरेज और मंडियों की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। अधिकारी ने यह भी कहा कि किसानों की सुरक्षा और धार्मिक स्थलों का सम्मान सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना पंजाब में बढ़ती फसल भंडारण समस्या और मंडियों की अपर्याप्त क्षमता का संकेत देती है। “किसानों को उनके उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए सरकार को त्वरित कदम उठाने की जरूरत है,” एक कृषि विशेषज्ञ ने कहा।
स्थानीय मीडिया ने किसानों के इस कदम को बड़ी खबर के रूप में कवर किया। कई लोग किसानों की स्थिति के प्रति सहानुभूति दिखा रहे हैं, जबकि कुछ ने धार्मिक स्थलों के उपयोग पर चिंता व्यक्त की।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नए गोदाम बनाएं जाएं और मंडियों की क्षमता बढ़ाई जाए। उनका कहना है कि फसलें समय पर मंडियों में न पहुंचने के कारण उन्हें नुकसान हो रहा है, और वे भविष्य में भी इसी प्रकार की परेशानियों से बचना चाहते हैं।
इस बीच प्रशासन ने यह आश्वासन दिया है कि श्मशान घाट में रखी फसलें सुरक्षित हैं और जल्द ही उन्हें मंडियों या वैकल्पिक गोदामों में स्थानांतरित किया जाएगा। प्रशासन ने गांव के लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी विवाद से बचने का भी अनुरोध किया।
अंततः, बादल गांव की यह घटना यह दर्शाती है कि किसानों की समस्याओं का समाधान समय पर न किया जाए तो वे असामान्य और विवादास्पद तरीकों का सहारा लेने को मजबूर हो सकते हैं। यह मामला राज्य के कृषि प्रबंधन और फसल भंडारण नीति में सुधार की आवश्यकता को स्पष्ट करता है।
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