पंजाब

छात्रा का आरोप, IIT Ropar सुपरवाइजर ने किया उत्पीड़न

Payal
4 May 2026 12:24 PM IST
छात्रा का आरोप, IIT Ropar सुपरवाइजर ने किया उत्पीड़न
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Punjab.पंजाब: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रोपड़ में एक छात्रा ने अपने सुपरवाइजर पर यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रा का कहना है कि उसे लंबे समय से मनोवैज्ञानिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। घटना के उजागर होने के बाद संस्थान प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने संस्थान के आंतरिक शिकायत प्रकोष्ठ (Internal Complaints Committee – ICC) में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सुपरवाइजर ने कई मौकों पर अनुचित व्यवहार किया और अकादमिक लाभ के बदले अवांछित प्रस्ताव रखे। इस शिकायत के आधार पर ICC ने तुरंत जांच शुरू कर दी है।
IIT रोपड़ के अधिकारियों ने कहा कि संस्थान इस प्रकार की किसी भी घटना को गंभीरता से लेता है। उन्होंने यह भी बताया कि पीड़िता की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। संस्थान ने स्पष्ट किया कि आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए बाहरी विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा।
छात्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लंबे समय तक उसने इस उत्पीड़न का सामना किया, लेकिन डर और संस्थागत दबाव के कारण अब तक चुप रही। उसने उम्मीद जताई कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों को सजा मिलेगी।
सुरक्षा और मानवाधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा संस्थानों में यौन उत्पीड़न की शिकायतों को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है। वे बताते हैं कि इस प्रकार की घटनाएं केवल पीड़िता तक सीमित नहीं रहतीं; यह संस्थान की प्रतिष्ठा और अन्य छात्रों की सुरक्षा पर भी असर डालती हैं।
IIT रोपड़ के छात्र और स्टाफ भी इस मामले पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। कई छात्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से संस्थान से अनुरोध किया है कि पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जांच पारदर्शी तरीके से की जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि ICC के अलावा, यदि पीड़िता चाहती है तो वह पुलिस शिकायत दर्ज कर सकती है। भारतीय कानून में यौन उत्पीड़न के मामलों में सख्त प्रावधान हैं और दोषी को कठोर सजा दी जा सकती है।
संस्थान ने छात्रों और कर्मचारियों को चेताया है कि किसी भी तरह की अफवाह या गलत जानकारी साझा न करें। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य सभी छात्रों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल बनाए रखना है।
इस मामले ने शिक्षा जगत में यौन उत्पीड़न के प्रति जागरूकता बढ़ा दी है। कई अन्य छात्राओं और छात्रों ने भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह घटना अन्य छात्रों के लिए चेतावनी होगी और संस्थान में सुधार के कदम उठाए जाएंगे।
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