पंजाब

Hoshiarpur के युवक की इटली में मौत, 36 दिन बाद शव लौटा

Ratna Netam
6 April 2026 1:36 PM IST
Hoshiarpur के युवक की इटली में मौत, 36 दिन बाद शव लौटा
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Punjab.पंजाब: Hoshiarpur का एक युवक इटली में निधन हो गया और 36 दिन बाद उसका शव भारत पहुंचा। परिवार और गांव में इस खबर ने शोक और भारी चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। युवक का नाम और उसके इटली में रहने का उद्देश्य अभी प्रशासन और परिवार द्वारा साझा किया गया है।
युवक इटली में नौकरी या शिक्षा के सिलसिले में गया था। वहां उसकी अचानक मृत्यु हो गई। परिवार ने बताया कि विदेश में हुई मृत्यु की जानकारी मिलने के बाद से ही वे परेशान थे और शव के भारत लाने की प्रक्रिया में लगे रहे। इटली में आवश्यक कागजी प्रक्रिया, शव के विमान द्वारा भारत आने की अनुमति और कोविड नियमों जैसी बाधाओं के कारण शव के आने में लंबा समय लग गया।
परिवार ने बताया कि उन्हें लगातार विदेश में प्रशासन और दूतावास के माध्यम से जानकारी मिलती रही, लेकिन लंबे समय तक शव नहीं पहुंचने से मानसिक तनाव और पीड़ा बनी रही। स्थानीय प्रशासन ने भी विदेश स्थित अधिकारियों के संपर्क में रहकर शव के जल्द आने की कोशिश की।
स्थानीय निवासी और परिवार ने कहा कि युवक की मौत ने पूरे गांव में शोक फैला दिया है। युवा समुदाय के लिए यह घटना चेतावनी भी है कि विदेश में काम करने या पढ़ाई करने जाने वाले लोगों को सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक तैयारी करनी चाहिए।
पुलिस और प्रशासन ने बताया कि शव पहुंचने के बाद सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करवाई गई और युवक का अंतिम संस्कार गांव में धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न किया गया। परिवार और गांववालों ने दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश में अचानक मौत और शव की देर से आने की घटनाओं में परिवार को समय पर मानसिक और प्रशासनिक सहायता देना जरूरी है। इसमें दूतावास, स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार की भूमिका अहम होती है।
इस घटना ने परिवार और गांव में न केवल दुख और शोक फैलाया, बल्कि विदेश में काम करने वाले युवाओं और उनके परिवारों के लिए भी चेतावनी का संदेश दिया। यह स्पष्ट करता है कि विदेश यात्रा के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
कुल मिलाकर, होशियारपुर के इस युवक की इटली में मौत और शव के 36 दिन बाद पहुंचने की घटना ने परिवार और गांव में गहरा शोक फैलाया है। प्रशासन और दूतावास की मदद से शव भारत लाया गया और अंतिम संस्कार किया गया। यह घटना विदेश में रह रहे युवाओं और उनके परिवारों के लिए भी सावधानी और जागरूकता की याद दिलाती है।
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