पंजाब

Ludhiana के वेट यूनिवर्सिटी में विरासत मेले ने संस्कृति प्रेमियों को मोह लिया

Ratna Netam
9 May 2026 7:31 PM IST
Ludhiana के वेट यूनिवर्सिटी में विरासत मेले ने संस्कृति प्रेमियों को मोह लिया
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Ludhiana.लुधियाना: लुधियाना के वेट यूनिवर्सिटी में आयोजित विरासत मेला ने सांस्कृतिक और पारंपरिक कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मेले में विभिन्न राज्यों और स्थानीय क्षेत्रों की हस्तशिल्प, पारंपरिक परिधान, चित्रकला और लोक कला की प्रदर्शनी लगी, जिससे विश्वविद्यालय परिसर जीवंत और रंग-बिरंगा नजर आया।
मेले का आयोजन वेट यूनिवर्सिटी के सांस्कृतिक विभाग और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में छात्रों, स्थानीय कलाकारों और पर्यटकों ने हिस्सा लिया। आयोजकों का कहना है कि मेला न केवल संस्कृति और विरासत को संरक्षित करने का माध्यम है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को पारंपरिक कलाओं और शिल्प कौशल से जोड़ने का अवसर भी प्रदान करता है।
मेला स्थल पर स्थानीय हस्तशिल्प की स्टॉल्स, पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी, और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का विशेष आकर्षण रहा। कलाकारों ने दर्शकों के सामने लोक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए, जबकि चित्रकारों और शिल्पकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। दर्शकों ने इस अनुभव को अत्यंत संतोषजनक और आकर्षक बताया।
वेट यूनिवर्सिटी के कुलपति ने कहा, "यह मेला हमारे छात्रों और स्थानीय समुदाय के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जागरूकता को बढ़ावा देता है। इससे हमारी युवा पीढ़ी को यह समझने में मदद मिलती है कि हमारी विरासत कितनी समृद्ध और विविध है।"
कार्यक्रम में स्थानीय हस्तशिल्पियों और शिल्पकला संगठनों को सम्मानित भी किया गया, ताकि उनके प्रयासों को मान्यता मिले और वे पारंपरिक कलाओं को और अधिक प्रोत्साहित कर सकें। इस अवसर पर कला प्रेमियों और परिवारों की बड़ी संख्या ने हिस्सा लिया, जिससे मेला जगह-जगह उत्साह और उमंग से भर गया।
दर्शकों ने मेले की व्यवस्था और विविधता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिलता है, बल्कि युवा पीढ़ी भी सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत से जुड़ती है।
मेला शाम तक चला और आयोजन स्थल पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और शिल्प प्रदर्शनी ने सभी को रोमांचित कर दिया। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में इसे वर्ष में दो बार आयोजित करने का विचार है, ताकि और अधिक लोगों को हमारी समृद्ध विरासत और लोक कला के बारे में जागरूक किया जा सके।
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