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PGI-पंजाब यूनिवर्सिटी को HC का निर्देश, शुरू करें हॉस्पिटल इंजीनियरिंग कोर्स पर विचार

Saba Naaz
25 July 2026 8:03 PM IST
PGI-पंजाब यूनिवर्सिटी को HC का निर्देश, शुरू करें हॉस्पिटल इंजीनियरिंग कोर्स पर विचार
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चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने देश में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने तथा अस्पतालों के आधुनिक निर्माण की जरूरत को देखते हुए एक अहम निर्देश जारी किया है। अदालत ने पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI) चंडीगढ़ और पंजाब विश्वविद्यालय (PU) को हेल्थकेयर हॉस्पिटल इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर कोर्स शुरू करने की संभावनाएं तलाशने को कहा है। हाईकोर्ट का मानना है कि भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अस्पतालों के निर्माण, डिजाइन और तकनीकी प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों की आवश्यकता बढ़ रही है।

अदालत ने PGI चंडीगढ़ के निदेशक और पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति को इस दिशा में गंभीरता से विचार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन और दोनों संस्थानों के प्रमुखों को बैठक कर इस विषय पर ठोस समाधान निकालने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को निर्धारित की गई है।

यह आदेश चंडीगढ़ निवासी 88 वर्षीय हेल्थकेयर इंजीनियरिंग विशेषज्ञ डॉ. जेसी मेहता की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। याचिका में अस्पतालों के निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े तकनीकी पहलुओं को लेकर चिंता जताई गई थी। डॉ. मेहता ने अदालत को बताया कि अस्पतालों में बेहतर वातावरण, इनडोर प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए हेल्थकेयर इंजीनियरिंग का विशेष ज्ञान जरूरी है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के पाठ्यक्रम को शुरू करने के लिए वर्ष 1981 से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक इसे देश में लागू नहीं किया जा सका है। याचिका में यह भी बताया गया कि वर्ष 2006 में PGI के दीक्षांत समारोह के दौरान तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस क्षेत्र में संस्थान स्थापित करने की घोषणा की थी, लेकिन इसके बाद भी कोई ठोस पहल नहीं हो पाई।

हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सरकार इस पहल में पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय और अन्य संबंधित संस्थानों के साथ मिलकर इस कोर्स को शुरू करने के रास्ते तलाशे जाएंगे।

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्तमान समय में भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के अधिकांश देशों में हेल्थकेयर हॉस्पिटल इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर का कोई विशेष पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं है। वहीं अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों में अस्पताल निर्माण और स्वास्थ्य तकनीक से जुड़े ऐसे कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार अस्पताल केवल एक इमारत नहीं होते, बल्कि उनका डिजाइन मरीजों के स्वास्थ्य और रिकवरी प्रक्रिया को प्रभावित करता है। अस्पतालों में हवा की गुणवत्ता, रोशनी, तापमान नियंत्रण, संक्रमण रोकने की व्यवस्था और ऊर्जा दक्षता जैसे पहलुओं का सीधा असर मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों पर पड़ता है। ऐसे में हेल्थकेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई से भविष्य में बेहतर और सुरक्षित अस्पताल तैयार किए जा सकेंगे।

हाईकोर्ट ने भी माना कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए केवल डॉक्टर और चिकित्सा उपकरण ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि अस्पतालों के निर्माण और संचालन में तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए PGI और पंजाब विश्वविद्यालय को इस क्षेत्र में नए पाठ्यक्रम की संभावनाओं पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

यदि यह कोर्स शुरू होता है तो देश में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए नई विशेषज्ञता विकसित होगी और अस्पतालों के निर्माण में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ेगा। इससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ स्वास्थ्य ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। अब सभी की नजरें 10 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर हैं, जहां इस पहल को लेकर आगे की प्रगति सामने आ सकती है।

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