
Punjab पंजाब: हरियाणा में नगर पालिका कर्मचारियों ने एक बार फिर आंदोलन की राह पकड़ ली है। नगर पालिका कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों और 13 मई को हुए समझौते को लागू न किए जाने का आरोप लगाते हुए राज्यव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। यह हड़ताल 6 से 8 अगस्त तक तीन दिनों के लिए की जाएगी।
संघ का कहना है कि सरकार द्वारा किए गए वादों को अब तक पूरा नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है। संघ ने इसे वादा-खिलाफी करार देते हुए कहा कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
इस आंदोलन की घोषणा नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री और महासचिव मांगे राम तिगरा ने की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
संघ ने हड़ताल से पहले चरणबद्ध आंदोलन की भी घोषणा की है। इसके तहत 1 और 2 जुलाई को प्रदेशभर की सभी नगरपालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों में कर्मचारी विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान कर्मचारी हाथों में उल्टी झाड़ू लेकर प्रदर्शन करेंगे, जिससे उनके विरोध का प्रतीकात्मक संदेश दिया जाएगा।
इसके बाद 7 जुलाई से 22 जुलाई तक जिला स्तर पर रैलियों का आयोजन किया जाएगा। इन रैलियों के माध्यम से कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी कई मांगें लंबित हैं, जिनमें सेवा शर्तों में सुधार, वेतन विसंगतियों का समाधान और स्थायीकरण जैसे मुद्दे शामिल हैं। इन मांगों पर सरकार से कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
संघ नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे पूरे विभाग में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो अगस्त में होने वाली हड़ताल से पूरे राज्य में सफाई और नगर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
स्थानीय निकायों में कार्यरत कर्मचारियों की इस घोषणा के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। अधिकारियों का मानना है कि अगर हड़ताल होती है तो शहरी सेवाओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
फिलहाल सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा सकती है।
कर्मचारी संघ ने साफ किया है कि यह आंदोलन उनके अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर किया जा रहा है और जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।





