पंजाब

हरियाणा सरकार का तोहफा, भैंस खरीदने पर ₹80 हजार तक सब्सिडी

nidhi
10 Oct 2026 7:58 AM IST
हरियाणा सरकार का तोहफा, भैंस खरीदने पर ₹80 हजार तक सब्सिडी
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गरीब परिवारों को डेयरी से जोड़ने की तैयारी
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए डेयरी क्षेत्र में नई पहल की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंत्योदय परिवारों को भैंस खरीदने के लिए रियायती ऋण उपलब्ध कराने और दूध की बिक्री से नियमित आमदनी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना में पशुपालन विभाग की ओर से भैंस खरीदने पर ₹80,000 तक की सब्सिडी और वीटा की ओर से अतिरिक्त ₹50,000 की सहायता का प्रावधान बताया गया है। दूध की खरीद वीटा करेगा और पात्र परिवारों को दूध पर ₹10 प्रति लीटर प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य ऐसे परिवारों को कमाई का स्थायी साधन उपलब्ध कराना है, जिनकी सालाना आय ₹1.80 लाख तक है। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों को ऋण लेने और योजना का लाभ पाने में अनावश्यक परेशानी न हो।
भैंस खरीदने के लिए ₹80 हजार तक की सब्सिडी
योजना के तहत पशुपालन विभाग पात्र लाभार्थियों को भैंस खरीदने के लिए ₹80,000 तक की सब्सिडी देगा। इसके अतिरिक्त वीटा की ओर से ₹50,000 की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था बताई गई है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार डेयरी कारोबार शुरू कर सकें और दूध बेचकर नियमित आय प्राप्त कर सकें। यह सहायता संबंधित पात्रता, ऋण और विभागीय नियमों के अनुसार मिलेगी। इसलिए इच्छुक परिवारों को आवेदन से पहले संबंधित पशुपालन विभाग या जिला प्रशासन से नियमों की पुष्टि करनी चाहिए।
वीटा खरीदेगा दूध, मिलेगा ₹10 प्रति लीटर प्रोत्साहन
इस योजना की खास बात यह है कि लाभार्थियों को भैंस खरीदने के बाद दूध बेचने के लिए बाजार तलाशने की परेशानी कम हो सकती है। वीटा दूध की खरीद करेगा, जबकि सरकार पात्र अंत्योदय परिवारों को दूध की आपूर्ति पर ₹10 प्रति लीटर का प्रोत्साहन देगी। इससे परिवारों को दूध की बिक्री से होने वाली आमदनी के अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी मिल सकेगी।
हरियाणा में वीटा सहकारी दुग्ध नेटवर्क के माध्यम से गांवों की दुग्ध सहकारी समितियों से दूध खरीदा जाता है। इस व्यवस्था के जरिए दूध को संग्रहित कर गुणवत्ता की जांच के बाद प्रसंस्करण और विपणन के लिए भेजा जाता है।
चालू वर्ष में 15 हजार भैंस खरीदने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चालू वर्ष में कम से कम 15,000 भैंसों की खरीद के लिए ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के निर्देश दिए हैं। इससे अधिक परिवार डेयरी कारोबार से जुड़ सकेंगे। सरकार का जोर पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर है।
इसके अलावा महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों और अनुसूचित जाति के परिवारों को ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। सरकार चाहती है कि ग्रामीण परिवार पशुपालन के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।
किसे मिलेगा योजना का लाभ?
प्रस्तावित सहायता मुख्य रूप से ऐसे अंत्योदय परिवारों के लिए है, जिनकी सालाना आय ₹1.80 लाख तक है। लाभ लेने के लिए परिवारों को संबंधित विभाग की पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। भैंस खरीदने के लिए ऋण, सब्सिडी, वीटा की अतिरिक्त सहायता और दूध पर प्रोत्साहन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी संबंधित विभागों से प्राप्त की जा सकती है।
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