पंजाब

फार्मेसी परीक्षा विवाद पर हरजोत बैंस बोले, जरूरत पड़ी तो छोड़ दूंगा पद

Saba Naaz
26 July 2026 2:40 PM IST
फार्मेसी परीक्षा विवाद पर हरजोत बैंस बोले, जरूरत पड़ी तो छोड़ दूंगा पद
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पंजाब: फार्मेसी परीक्षा विवाद को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल के बीच शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बड़ा बयान दिया है। विपक्ष की ओर से लगातार इस्तीफे की मांग के बीच बैंस ने कहा कि फार्मेसी परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि यह नकल का मामला था। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गलत तरीके अपनाने की कोशिश की, उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया गया और पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की।

हरजोत सिंह बैंस ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने परीक्षा विवाद, विपक्ष के आरोपों और अपने इस्तीफे को लेकर विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि फार्मेसी परीक्षा को लेकर पेपर लीक की जो बातें कही जा रही हैं, वह सही नहीं हैं। उनके अनुसार परीक्षा में नकल की कोशिश हुई थी, जिसे समय रहते पकड़ लिया गया।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि संबंधित परीक्षा उनके विभाग के अंतर्गत नहीं आती थी, लेकिन सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी के तहत उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि वह हमेशा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए काम करते रहे हैं और छात्रों के हितों को सबसे ऊपर रखते हैं।

बैंस ने अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि अगर उनके पद छोड़ने से पंजाब की शिक्षा व्यवस्था बेहतर होती है तो वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री पद उनके लिए महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि राज्य के बच्चों को बेहतर शिक्षा देना उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि वह उन चुनिंदा शिक्षा मंत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान खुद मौके पर जाकर उनकी बात सुनी और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और सरकार हर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगी।

वीडियो संदेश में हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में किए गए सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि पंजाब प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में देश के शीर्ष राज्यों में पहुंचा है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि पंजाब देश का पहला राज्य बना है, जहां पहली कक्षा से बारहवीं कक्षा तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय के रूप में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं और नई योजनाओं को लागू किया जा रहा है।

बैंस ने कहा कि शिक्षा केवल उनके लिए एक सरकारी विभाग नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी और जुनून है। उन्होंने कहा कि पंजाब के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी घटना की वजह से पंजाब की छवि खराब नहीं होने दी जाएगी।

फार्मेसी परीक्षा विवाद को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में खामियां सामने आई हैं, जबकि सरकार की ओर से इसे नकल का मामला बताया जा रहा है।

फिलहाल पुलिस कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया जारी है। शिक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है।

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