पंजाब

हरभजन सिंह बोले नशा मुक्त पंजाब के लिए सबको निभानी होगी जिम्मेदारी

Ratna Netam
30 Sept 2026 5:59 PM IST
हरभजन सिंह बोले नशा मुक्त पंजाब के लिए सबको निभानी होगी जिम्मेदारी
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जालंधर। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने बुधवार को पंजाब में नशे की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि राज्य को ड्रग्स से मुक्त करना केवल किसी एक सरकार या संस्था की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। वह जालंधर में भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
हरभजन सिंह ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि पंजाब में ड्रग्स का मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण है और इसके खिलाफ समाज के हर वर्ग को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले शुरू हुई नशा विरोधी यात्रा बुधवार को समाप्त हो गई है, लेकिन नशे के खिलाफ लड़ाई को आगे भी जारी रखना होगा।
हरभजन सिंह ने कहा, “यह एक बहुत अहम मुद्दा है और पंजाब से ड्रग्स को खत्म करना हर किसी की जिम्मेदारी है। जो रैली कुछ दिन पहले शुरू हुई थी, वह आज खत्म हो गई है।” उनके बयान का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि नशे की समस्या का समाधान केवल राजनीतिक अभियान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में भी देखा जाना चाहिए।
भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 18 सितंबर को शुरू हुई थी। पार्टी के मुताबिक अलग-अलग हिस्सों से निकाली गई चार यात्राओं ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर किया और लगभग 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की। यात्रा का उद्देश्य ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता फैलाना और इसे जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना बताया गया। बुधवार को जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में इसका समापन किया गया।
हरभजन सिंह इससे पहले भी पंजाब में नशे के मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठा चुके हैं। वह अप्रैल 2026 में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे और इसके बाद से राज्य सरकार की नशा विरोधी नीति पर सवाल उठाते रहे हैं। हाल के महीनों में उन्होंने पंजाब में युवाओं पर नशे के प्रभाव को लेकर कई बयान दिए हैं।
जालंधर के समापन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी नशे को पंजाब की बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में आती है तो 31 दिसंबर 2029 तक ड्रग्स के कारोबार को खत्म करने का लक्ष्य रखा जाएगा। शाह ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर ‘चिट्टा’ यानी सिंथेटिक ड्रग्स के कारोबार को रोकने में विफल रहने का आरोप भी लगाया। ये भाजपा और शाह के राजनीतिक आरोप हैं, जबकि राज्य सरकार नशे के खिलाफ अपने अभियानों और कार्रवाई को सामने रखती रही है।
भाजपा ने नशे के मुद्दे को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रमुख राजनीतिक विषयों में शामिल करने का संकेत दिया है। यात्रा के दौरान पार्टी नेताओं ने विभिन्न जिलों में सभाएं कीं और नशे से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। पार्टी का कहना है कि ड्रग्स की समस्या से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन के साथ-साथ जनभागीदारी भी जरूरी है।
हरभजन सिंह ने अपने संबोधन में सीधे तौर पर सामाजिक भागीदारी पर जोर दिया। उनका कहना था कि नशे की समस्या को केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी समझना पर्याप्त नहीं होगा। परिवार, समाज, धार्मिक और सामाजिक संगठन तथा युवाओं को भी इसके खिलाफ सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
पूर्व क्रिकेटर होने के कारण हरभजन सिंह युवाओं के बीच लोकप्रिय चेहरा हैं। भाजपा की ओर से उन्हें नशा विरोधी अभियान में शामिल किए जाने को युवाओं तक संदेश पहुंचाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। बुधवार को वह पहली बार अमित शाह के साथ इस तरह के बड़े राजनीतिक मंच पर प्रमुखता से नजर आए।
पंजाब में नशे का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहा है। अलग-अलग सरकारों के दौरान ड्रग तस्करी, सिंथेटिक ड्रग्स और युवाओं में नशे की लत को लेकर सवाल उठते रहे हैं। राज्य और केंद्रीय एजेंसियां समय-समय पर तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करती रही हैं, लेकिन राजनीतिक दल एक-दूसरे पर पर्याप्त कदम न उठाने के आरोप भी लगाते रहे हैं।
भाजपा की यात्रा के दौरान पार्टी ने कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों को भी उठाया, लेकिन मुख्य फोकस नशे की समस्या पर रहा। पार्टी का नारा था कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को राजनीतिक अभियान से आगे ले जाकर सामाजिक आंदोलन बनाया जाए।
हरभजन सिंह ने भी इसी लाइन को आगे बढ़ाते हुए कहा कि पंजाब के भविष्य और युवाओं को बचाने के लिए नशे के खिलाफ सभी को एकजुट होना होगा। उन्होंने लोगों से इस मुद्दे को केवल चुनावी बहस न मानकर सामाजिक चुनौती के रूप में देखने की अपील की।
जालंधर में यात्रा के समापन के साथ भाजपा का 13 दिन का नशा विरोधी अभियान खत्म हो गया है, लेकिन पार्टी ने संकेत दिया है कि वह आने वाले महीनों में इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में नशा राजनीतिक बहस के प्रमुख मुद्दों में बना रह सकता है।
हरभजन सिंह का संदेश भी इसी दिशा में था कि अभियान खत्म होने के बाद भी ड्रग्स के खिलाफ प्रयास बंद नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए सरकार, राजनीतिक दल, परिवार और समाज सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
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